कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस पार्टी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकते हुए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जैसे शीर्ष नाम शामिल हैं।इनके अलावा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, अशोक गहलोत, शशि थरूर, के.सी. वेणुगोपाल और कन्हैया कुमार जैसे दिग्गज नेता भी बंगाल के चुनावी मैदान में पार्टी के लिए वोट मांगेंगे। राज्य इकाई से अधीर रंजन चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार कमान संभालेंगे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस बार अपने दम पर चुनाव लड़ रही है और उसका लक्ष्य पहले चरण की सभी सीटों पर प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराना है। राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है। चुनावी गहमागहमी के बीच प्रशासनिक सख्ती भी देखने को मिल रही है। उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी थाना प्रभारी को चुनाव आयोग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन पर नामांकन प्रक्रिया के दौरान एक सत्तारूढ़ दल के नेता की मदद करने और पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाने का गंभीर आरोप है। भाजपा नेता अर्जुन सिंह द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आयोग ने साफ कर दिया है कि निष्पक्ष चुनाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले भी कानून-व्यवस्था में ढिलाई बरतने पर कोलकाता पुलिस के चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने मालदा जिले में मतदाता सूची संशोधन (सर) के दौरान न्यायिक अधिकारियों की घेराबंदी के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने इस घटना को पूर्व-नियोजित करार देते हुए इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। अदालत ने राज्य प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर गहरी नाराजगी जताई और मुख्य सचिव को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का फोन न उठाने पर फटकार लगाते हुए माफी मांगने का निर्देश दिया है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। सिलीगुड़ी की एक रैली में अभिषेक बनर्जी ने भाजपा विधायक शंकर घोष के चोटिल होने के दावे पर तंज कसते हुए इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया। उन्होंने वायरल तस्वीरों का हवाला देते हुए भाजपा की ईमानदारी पर सवाल उठाए। कुल मिलाकर, बंगाल का चुनावी माहौल हर बीतते दिन के साथ और अधिक गरमाता जा रहा है।