-टीएमसी गठबंधन को 159-169 और भाजपा गठबंधन को 120-130 सीटें मिलने की उम्मीद कोलकाता। पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में ज्यादा वक्त नहीं है लेकिन ताजा ओपिनियन पोल के नतीजों ने राज्य की सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। सर्वे के अनुसार, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) भले ही फिलहाल बढ़त बनाए हुए है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी उसे बेहद कड़ी टक्कर दे रही है और सत्ता की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, टीएमसी को 43.7 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जबकि बीजेपी 39.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ उसके ठीक पीछे है। सीटों के लिहाज से टीएमसी गठबंधन को 159 से 169 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े से ऊपर है। वहीं, बीजेपी गठबंधन भी 120 से 130 सीटें जीतने की उम्मीद कर रहा है। सर्वे यह भी बताता है कि यदि बीजेपी अपने वोट शेयर में सिर्फ पांच फीसदी का इजाफा कर लेती है, तो वह राज्य में सरकार बना सकती है। मुख्यमंत्री पद के लिए ममता बनर्जी अभी भी सबसे लोकप्रिय चेहरा बनी हुई हैं, जिन्हें 44.4 प्रतिशत लोगों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी भी 38.3 प्रतिशत समर्थन के साथ उन्हें सीधी चुनौती दे रहे हैं। अन्य नेताओं में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी (3.6 प्रतिशत) और सीपीएम के मोहम्मद सलीम (4.2 प्रतिशत) काफी पीछे हैं, जिससे साफ है कि मुकाबला द्विपक्षीय होने वाला है। वर्तमान सरकार के कामकाज को लेकर जनता की राय बंटी हुई है। जहां 31.1 प्रतिशत लोगों ने कामकाज को बहुत अच्छा बताया, वहीं 26.2 प्रतिशत ने इसे बहुत खराब करार दिया। राज्य में रोजगार की कमी और विकास (36.6 प्रतिशत) सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। इसके बाद कानून-व्यवस्था व महिला सुरक्षा (17.6 प्रतिशत) और महंगाई जैसे मुद्दे प्रभावी हैं। ध्रुवीकरण और अन्य समीकरण सर्वे में एआईएमआईएम की मौजूदगी पर भी गौर किया गया है। 46.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मुस्लिम वोटों के बंटवारे का सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है। कुल मिलाकर, यह ओपिनियन पोल संकेत दे रहा है कि 2026 का संग्राम एक-एक वोट के लिए होने वाली कड़ी जंग साबित होगा।