गाजीपुर। लूदर्स कॉन्वेंट स्कूल में शुक्रवार को गुड फ्राइडे को अत्यंत श्रद्धा, शांति और गंभीरता के साथ बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूर्णतः आध्यात्मिक वातावरण में डूबा नजर आया, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित जनों ने प्रभु यीशु मसीह के त्याग, तपस्या और मानवता के प्रति उनके महान बलिदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें प्रभु यीशु के जीवन, उनके कष्टों और मानव कल्याण के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि गुड फ्राइडे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम, क्षमा और सेवा की भावना को आत्मसात करने का पावन अवसर है।इस अवसर पर फादर एंथोनी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि प्रभु यीशु का जीवन संपूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक है। उनका त्याग हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, प्रेम और धैर्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। वहीं पल्ली पुरोहित फादर आनंद ने कहा कि गुड फ्राइडे आत्ममंथन का दिन है, जो हमें अपने अंतर्मन में झांककर जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है।सेंट जॉन स्कूल के प्रिंसिपल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे प्रभु यीशु के आदर्शों को अपने जीवन में उतार लें, तो वे न केवल अच्छे विद्यार्थी बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बन सकते हैं। सिस्टर लीमा ने प्रेम, सेवा और समर्पण के मूल्यों पर बल देते हुए बच्चों को नैतिकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। वहीं सिस्टर मेरी (प्रिंसिपल, लुर्दस कॉन्वेंट) ने कहा कि प्रभु यीशु का बलिदान मानवता की सेवा के लिए पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।कार्यक्रम में अन्य फादरगण, सिस्टरगण, अरेबिया के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रभु यीशु के बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा व्यक्त की।इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा भजन, प्रार्थना एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर प्रभु यीशु मसीह को श्रद्धांजलि अर्पित की।विद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित यह आयोजन विद्यार्थियों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।