बाराबंकी। बिहार राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में विश्वविद्यालय क्लब के तत्वावधान में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उत्तर प्रदेश के साथ उसके गहरे संबंधों को रेखांकित करने का एक सार्थक प्रयास था। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें बिहार राज्य के मूल निवासी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जो उत्तर प्रदेश में कार्यरत रहते हुए भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हुए हैं। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के चांसलर इंजीनियर पंकज अग्रवाल ने कहा कि बिहार राज्य स्थापना दिवस पर यह आयोजन मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्तर प्रदेश के साथ उसके गहरे संबंधों का प्रतीक है। बिहार ने सदैव ज्ञान, कला और संघर्ष की मिसाल पेश की है। प्रो-चांसलर इंजीनियर पूजा अग्रवाल ने कहा, “महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण बिहार की संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। मैं सभी बिहारी अतिथियों का हृदय से स्वागत करती हूँ और विश्वविद्यालय की ओर से वादा करती हूँ कि भविष्य में भी हम बिहार की संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।” कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार राज्य स्थापना दिवस पर यह आयोजन शिक्षा और संस्कृति के मेल का अनुपम उदाहरण है। विश्वविद्यालय क्लब के इस प्रयास से छात्र-छात्राओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का अवसर मिला है। कार्यक्रम की शुरुआत ‘मंच व सुर झंकार’ के द्वारा उद्घाटन समारोह से हुई। इसके बाद ‘बीट द बीट्स’ की टीम ने आकर्षक सोलो डांस प्रस्तुत किया। वहीं, ‘एक्सप्रेशंस’ ने रोचक एक्ट से दर्शकों का मन मोह लिया। ‘सुर झंकार’ ने चाट सॉन्ग की मनमोहक प्रस्तुति दी। ‘मंच व स्नैपशॉट’ के तहत ‘कल्चर एंड हेरिटेज’ कार्यक्रम में बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में दर्शाया गया। कार्यक्रमों के क्रम में ‘गोल्डन पेन क्लब’ ने भावुक कविताओं के साथ ‘लेटर टू बिहार’ की विशेष प्रस्तुति दी। ‘बीट द बीट्स’ ने ग्रुप डांस की ऊर्जावान परफॉर्मेंस से समा बांध दिया। ‘रज्माटाज’ ने स्टाइलिश फैशन शो के माध्यम से बिहार की पारंपरिक और आधुनिक वेशभूषा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. (डॉ.) वीना सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी, सलाहकार आरुषी अग्रवाल एवं रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) हेमेंद्र शर्मा, कृष्ण कुमार, सोने लाल मांझी, रवीन्द्र मांझी, राजकमल ठाकुर एवं प्रवीण कुमार मिश्रा तथा राम नरेश उपस्थित रहे।