गाजीपुर के जमानियां नगर कस्बा के सभी मस्जिदों सहित मुस्लिम ग्रामीण क्षेत्रों में ईद उल फ़ित्र की नमाज अता कर मांगी देश में अमन चैन की दुआ। शनिवार को ईद का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया गया। कस्बा बाजार के आसपास के मस्जिदों सहित ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगो ने नमाज अदा कर देश मे अमन चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद आपस मे गले मिल कर एक दूसरे को ईद की बधाई दी। शाही जामा मस्जिद के इमाम तौहीद रजा ने बताया कि ईद का त्यौहार सहिष्णुता, आपसी प्रेम भाई चारे का प्रतीक है। ईद का त्योहार रमजान के एक महीने के रोजे रखने के बाद मनाया जाता है। जिसकी खुशी में ईद उल फ़ित्र की नमाज अदा की जाती है। उन्होंने बताया कि ईद का त्यौहार हजरत मोहम्मद ने सबसे पहले 2 हिजरी सन में मदीने में मनाया था। शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा ने बताया कि मुसलमानों को रोजा रखने का हुकुम दिया। यह त्यौहार राष्ट्रीय एकता के प्रतीक है। रोजा न सिर्फ इबादत है। बल्कि इससे स्वास्थ्य और जीवन के लिए लाभदायक माना गया है। बहुत-सी खाने-पीने की बुरी आदतें इंसान आम दिनों में नहीं छोड़ पाता है। जिनको माह ए रमजान में आसानी के साथ छोड़ देता है। खुदा की इबादत इंसान को बुरी आदतों से आसानी के साथ बचा लेती है। और गुनाहों से पाक कर देता है। इस दौरान सभी धर्म समुदाय के सदस्यों ने मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद दी इस दौरान एक दूसरे की खुशियां व्यक्ति की। नन्हे मुन्ने बच्चे भी किसी से कम नहीं रहे। अपने परिवार के सदस्यों के संग मस्जिद पहुंचकर अपने उम्र दराज साथियों को ईद उल फ़ित्र की दिली मुबारकबाद देने में पीछे नहीं रहे। एसडीएम सुश्री ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार सहित कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामसजन नागर मय पुलिस कर्मियों के साथ भ्रमण करते हुए। सुरक्षा व्यवस्था की मुआयना किया। ईद त्यौहार को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों में खूब उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मस्जिदों के आसपास रौनक देखने को मिली। आसपास की मस्जिदों सहित ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए काफी संख्या में नमाजी पहुंचे। शाही जामा मस्जिद में हाफिज तौहीद रजा ने नमाज पढ़ाई। नूरी मस्जिद लोदीपुर ईदगाह में हाफिज असरफ करीम कादरी ने ईद उल फ़ित्र की नमाज पढ़ाई। नमाज अदा करने के बाद खुतबा पढ़ा और विशेष दुआ मांगी गई। इस दौरान ईद-उल-फ़ित्र की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए। कहा कि ईद का त्योहार हमें आपसी भाईचारा और सौहार्द कायम रखने का संदेश देता है।