जौनपुर।चाइल्ड केयर लीव, विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस विविध रचनात्मक एवं प्रेरणादायी गतिविधियों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।दिवस की शुरुआत मनोरंजनात्मक गतिविधियों से हुई, जिसमें समूह खेल, गीत-संगीत, लघु प्रस्तुतियां एवं टीम-बिल्डिंग अभ्यास आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों में सहयोग, समन्वय एवं नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।पर्यावरण संरक्षण विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में “मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी” के प्रणेता प्रदीप मिश्रा एवं राज एग्रो वर्मी कंपोस्ट के संस्थापक राजेश अस्थाना ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जैविक खेती एवं पर्यावरण संतुलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्वयंसेवकों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।एकलव्य स्टेडियम में आयोजित खेल-कूद गतिविधियों का संचालन एनआईएस कोच (हैंडबॉल) निलेश यादव द्वारा किया गया। इस दौरान हैंडबॉल प्रशिक्षण, फिटनेस ड्रिल एवं टीम प्रतियोगिताएं कराई गईं, जिससे स्वयंसेवकों की शारीरिक क्षमता एवं टीम भावना को मजबूती मिली।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत लोकगीत, नृत्य एवं सामाजिक विषयों पर आधारित नाटकों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर स्वयंसेवकों एवं कार्यक्रम अधिकारियों द्वारा पौधारोपण किया गया तथा प्लास्टिक के उपयोग से बचने की शपथ ली गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता हेतु रैली भी निकाली गई।इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. अजय मौर्य, डॉ. विशाल यादव, डॉ. प्रमेन्द्र विक्रम सिंह, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. अनुराग मिश्र एवं उद्देश्य सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में स्वयंसेवक दिव्यांशु सिंह, पृथ्वी राज सिंह, मनीष यादव, मोनू कुमार, अर्पिता यादव, आलोक मिश्रा, शंभू चौरसिया, रजनीश कन्हैया यादव, सौरभ सिंह, सिद्धार्थ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे।कार्यक्रम अधिकारियों ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य मनोरंजन, शारीरिक विकास, पर्यावरण जागरूकता एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के माध्यम से स्वयंसेवकों का समग्र विकास करना है, जिसे सफलतापूर्वक प्राप्त किया गया।