औरैया -बिधूना न्याय प्रणाली को सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में बिधूना सिविल न्यायालय ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। सिविल जज जूनियर डिवीजन डॉ.श्री प्रवीण सिंह के कुशल निर्देशन में आयोजित लोक अदालत ने न्यायिक सक्रियता की मिसाल पेश करते हुए एक ही कार्यदिवस में रिकॉर्ड 335 मामलों का निस्तारण किया। न्यायालय की इस त्वरित कार्यवाही से न केवल वादियों को राहत मिली है, बल्कि वर्षों से लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी बड़ी सफलता मिली है।इस विशेष लोक अदालत के दौरान उत्तराधिकार अधिनियम (Succession Act) से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी गई। अभिलेखों में ’01 OM’ श्रेणी के तहत दर्ज इन महत्वपूर्ण मामलों की गहन सुनवाई करते हुए न्यायालय ने विधिक उत्तराधिकारियों को उनके कानूनी अधिकार सौंपे। डॉ. प्रवीण सिंह के न्यायालय द्वारा इस दौरान कुल 2,49,560.82 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए गए, जिससे संबंधित परिवारों को उनके रुके हुए वित्तीय दावों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।न्यायालय ने जहाँ एक ओर जनता को उनके अधिकारों के प्रति राहत दी, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था और अनुशासन को बनाए रखने के लिए विभिन्न मामलों में कुल 6580 रुपये का अर्थदंड भी वसूला। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए की गई इस कार्यवाही ने आम नागरिकों के बीच न्यायपालिका के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया है। सीमित समय में इतनी बड़ी संख्या में मुकदमों का अंतिम निस्तारण बिधूना न्यायालय की कार्यक्षमता और डॉ. प्रवीण सिंह की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। इस मौके पर प्रस्तुतकर/पेशकार अतीक वारसी भी मौजूद रहे।