जनपद फर्रुखाबाद के कमालगंज- ब्लॉक संसाधन केंद्र ( वीआरसी ) पर आयोजित प्रधानों व शिक्षकों की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई, जब एक ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि ने मंच से विद्यालय प्रशासन पर भेदभाव के गंभीर आरोप लगा दिए। युवक ने कहा कि उसकी 65 वर्षीय मां, जो वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं, को कभी भी विद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय पर्वों के झंडारोहण कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया। उसका आरोप था कि जानबूझकर सूचना नहीं दी जाती, जिससे प्रधान को कार्यक्रम से दूर रखा जाता है।उसने विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीना परिहार पर जातिवादी मानसिकता से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसे विद्यालय परिसर में प्रवेश तक नहीं करने दिया जाता और पानी पीने तक से रोका जाता है।युवक ने यह भी कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन और बैठकों की जानकारी भी प्रधान को नहीं दी जाती, जो जनप्रतिनिधि की अनदेखी का स्पष्ट उदाहरण है। मंच से बोलते समय युवक के हाथ से माइक छीन लिया गया, जिससे बैठक में हलचल मच गई। बाद में एक अन्य प्रधान के हस्तक्षेप से युवक को दोबारा माइक दिया गया और उसने अपनी बात पूरी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने शिकायत सुनकर जांच और समाधान का आश्वासन दिया। घटना के बाद बैठक में काफी देर तक इस मुद्दे पर चर्चा होती रही। किन्त कुल मिलाकर, यह मामला जनप्रतिनिधियों के सम्मान और सामाजिक भेदभाव जैसे गंभीर सवाल खड़े कर गया है।