लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज शास्त्र विभाग द्वारा समसामयिक संदर्भ में लोहिया के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि डॉ राम मनोहर लोहिया की परिकल्पना रामायण मेला से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। क्योंकि इसमें मर्यादा और सुशासन की सर्वश्रेष्ठ अवधारणा रामराज्य का विचार समाहित है। संगोष्ठी में विभागाध्यक्ष प्रो प्रमोद गुप्ता ने आगंतुकों का स्वागत किया। मुख्य व्याख्यान प्रो ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने दिया। प्रो अजित कुमार,प्रो राजेश मिश्रा, प्रो राम गणेश ने भी संबोधित किया। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि राममनोहर लोहिया ने रामायण मेला आयोजित करने की संकल्पना की थी। वह इसे भारत की एकता और शासन समाज की मर्यादा के लिए प्रेरणादायक मानते थे। वह गोस्वामी तुलसी दास को एक रक्षक कवि मानते थे। वर्तमान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार अनेक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महापुरुषों का ही सपना साकार कर रहीं है।