फतेहपुर। उत्तम उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित भव्य श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर कथावाचक चंदन कृष्ण जी महाराज ने भगवान श्रीराम के दिव्य अवतार, बाल लीलाओं और ऋषि विश्वामित्र के साथ उनके गमन के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।कथा के दौरान ‘भए प्रगट कृपाला दीनदयाला’ के जयघोष के साथ प्रभु श्रीराम के अवतार का वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है तब-तब भगवान भक्तों के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं। अयोध्या में आनंद उत्सव और चारों भाइयों — राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न — के नामकरण संस्कार का प्रसंग सुनाया गया। महाराज दशरथ के आंगन में प्रभु की ठुमक-ठुमक कर चलने वाली बाल लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। read more:https://pahaltoday.com/troubled-by-fake-molestation-allegations-and-blackmailing-youth-commits-suicide-was-about-to-appear-for-cisf-exam/ कथा में प्रभु श्रीराम की शिक्षा-दीक्षा और आदर्श पुत्र के रूप को भी रेखांकित किया गया। कथा के दौरान वह भावुक क्षण भी आया जब विश्वामित्र यज्ञ की रक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे और दशरथ से राम और लक्ष्मण को साथ ले जाने का आग्रह किया। वक्ता ने बताया कि यह प्रसंग मोह त्यागकर कर्तव्य के मार्ग पर चलने की सीख देता है। वन गमन के मार्ग में प्रभु श्रीराम द्वारा राक्षसी ताड़का का वध और बाद में अहिल्या का उद्धार कर उनकी करुणा का परिचय देने का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा के अंत में राम और लक्ष्मण के विश्वामित्र के साथ मिथिला पहुंचने तथा जनकपुर की सुंदरता का भावपूर्ण वर्णन कर कथा को विश्राम दिया गया। कथावाचक चंदन कृष्ण जी महाराज ने कहा कि “प्रभु श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, धैर्य और गुरु भक्ति की शिक्षा देता है। बालकांड की लीलाएं केवल कथा नहीं बल्कि जीवन जीने की कला हैं।” कथा संयोजक कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया कि कथा के पंचम दिवस रविवार को स्वामी ओंकारानंद सरस्वती का फतेहपुर आगमन होगा और वे श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देंगे। इस अवसर पर मूंछ नृत्य के लिए प्रसिद्ध राजेंद्र तिवारी उर्फ दुकान जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम में धनंजय मिश्रा, मनोज साहू, आकाश सिंह भदौरिया, जय किशन, अनिल महाजन, संदीप श्रीवास्तव, संजय सिंह, प्रेमदत्त उमराव, श्रवण दीक्षित, गंगासागर, उदय प्रताप सिंह, शिवप्रसाद मामा सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।