मोहित मिश्रा -परशदेपुर रायबरेली। डीह थाना के पूरे दुबे मजरे लोधवारी गांव में बीते दिनो 45 वर्षीय चिंतामणि उर्फ चिंता की नदी में डूबने के कारण मौत हो गई थी।मासूम बच्चों के सिर से मां की ममता का आंचल एक वर्ष पहले ही हट गया था।माता पिता का साया बच्चों के सिर से उठा तो मासूमों के सामने न केवल पालन पोषण का संकट आन पड़ा बल्कि असहाय बच्चों के रहने के लिए एक सुरक्षित छत भी नहीं थी।ऐसे में गरीबी और तन्हाई के बीच झूलते इन बेसहारा मासूम बच्चों की मदद के लिए ‘वानर सेना’ नाम का एक संगठन और स्थानीय पुलिस आगे आई।असहाय बच्चों की बेबसी को देखते हुए वानर सेना की टीम और पुलिस प्रशासन ने मिलकर उनके लिए एक पक्का मकान बनवाने का जिम्मा उठाया।read more :https://khabarentertainment.in/wp-admin/post-new.php
शुक्रवार को वानर सेना ने न केवल श्रम और योजना में योगदान दिया बल्कि बच्चों के भविष्य के लिए 51 हजार रुपए की भी आर्थिक मदद भी की।*स्थानीय पुलिस भी बनी मासूमों के प्रति मानवता की मिशाल*आम तौर पर अक्सर लोगों द्वारा पुलिस को केवल कानून व्यवस्था से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस मामले में पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बच्चों के घर के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई।वहीं वानर सेना और स्थानीय पुलिस के सराहनीय कार्यों की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। इस मौके पर संगठन के डीह ब्लाक प्रभारी बंटी सिंह,विक्रांत दीक्षित,संगठन के संरक्षक प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह,बृजेश सिंह,रत्नाकर सिंह आदि मौजूद रहे।