माले राज्य सचिव की गिरफ्तारी के विरुद्ध भाकपा-माले ने किया प्रदर्शन। पार्टी कार्यालय से तहसील तक निकाला मार्च
जमानियां।भाकपा-माले उत्तर प्रदेश के राज्य सचिव सुधाकर यादव व भाकपा-माले मिर्जापुर की जिला सचिव जीरा भारती की मिर्जापुर में हुई गिरफ्तारी तथा प्रदेश भर में दलितों, आदिवासियों, वनवासियों, गरीबों के घरों, जमीनों पर चल रहे बुल्डोजर के विरुद्ध माले कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से प्रतिवाद मार्च निकाला। और तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। मार्च व प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी जिला सचिव ओमप्रकाश सिंह, विजयी वनवासी, बुच्चीलाल, श्यामप्यारी, अमरनाथ मौर्य,लालजी वनवासी आदि ने किया। मार्च व प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में महिला पुरुष और नौजवान शामिल थे।इस अवसर पर हुई सभा को सम्बोधित करते हुए ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि मोदी योगी के राज में कानून व संविधान का शासन खत्म कर दिया गया है। मिर्जापुर में वन विभाग के अधिकारी रात के दो बजे आदिवासियों के घरों पर सैकड़ों गुंडों व बुल्डोजर के साथ हमला करते हैं और विरोध करने पर ग्रामीणों व माले नेताओं पर अपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कि दमन उत्पीड़न की कार्रवाइयों के विरुद्ध संगठित होकर संघर्ष में उतरना आज की महती जरूरत है। तहसील प्रशासन के जरिए दिए गए ज्ञापन के माध्यम से माले नेताओं पर मिर्जापुर में दर्ज मुकदमे रद्द कर उन्हें तुरंत रिहा करने, गरीबों के घरों व जमीनों पर चल रही बुल्डोजर कार्रवाई को तत्काल रोकने,ग्रामसमाज, बंजर एवं जल जंगल पर दलितों, आदिवासियों, वनवासियों को अधिकार देने, अदालती आदेश की आड़ में बरुईन में मुसहर आबादी में हुए कब्जे को खाली कराने, श्रम संहिताओं को रद्द कर पुराने श्रम कानून बहाल करने, विकसित भारत ग्राम जी को वापस लेकर मनरेगा कानून बहाल करने, गरीबों पर थोपी गई मनमानी बिजली बिलें माफ करने सहित तमाम मांगें की गईं। मार्च व प्रदर्शन में ओमप्रकाश सिंह, विजयी वनवासी, बुच्चीलाल, श्यामप्यारी, अमरनाथ मौर्य, लालजी वनवासी, पांचरतन कुशवाहा,लालू बिंद, नगीना पासी, जगदीश वनवासी आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।