तकनीकी सेमिनार में नई रणनीतियों और आधुनिक प्रबंधन पर जोर

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लखनऊ: लखनऊ के 1090 चौराहे के निकट गोमती रिवर फ्रंट चौपाटी पर आयोजित भारत पोल्ट्री एक्सपो 2026 का आज दूसरा दिन तकनीकी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा। देशभर से आए विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और पोल्ट्री किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर नवीन तकनीकों, प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं पर गहन चर्चा की।आज के तकनीकी सेमिनार में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मनोज शुक्ला (कन्वीनर) के मार्गदर्शन में हुई। सेमिनार में डॉ. धीरेंद्र कुमार (बैंगलोर) ने IBH और बर्ड फ्लू प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी और किसानों को इन बीमारियों से बचाव के आधुनिक उपाय बताए।इसके बाद प्रो. (डॉ.) पी.के. शुक्ला (पूर्व डीन, DUVASU, मथुरा) ने भारत में सतत (Sustainable) पोल्ट्री उत्पादन पर प्रकाश डाला और उत्पादन बढ़ाने के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता बताई।डॉ. वी.के. शर्मा और डॉ. राकेश गुप्ता (वेंकीज इंडिया लिमिटेड) ने लेयर फीडिंग और लंबे उत्पादन चक्र पर चर्चा करते हुए बताया कि कैसे सही पोषण से उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है।उत्तर प्रदेश के पोल्ट्री किसानों की समस्याओं पर डॉ. ए.यू. किदवई ने विस्तृत जानकारी दी, वहीं डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी (उप निदेशक, पशुपालन विभाग) ने UP Poultry Development Policy-2022 के तहत सरकार की योजनाओं और अवसरों को समझाया। डॉ. मनोज शुक्ला ने टीकाकरण और बायोसेक्योरिटी की अहमियत बताते हुए कहा कि यह लाभकारी पोल्ट्री व्यवसाय की रीढ़ है। लखनऊ के डॉ. प्रवीण के. सिंह ने प्रिसीजन न्यूट्रिशन पर जोर देते हुए बताया कि संतुलित आहार से लाभप्रदता कैसे बढ़ाई जा सकती है। आध्या बायोलॉजिकल के अजय मेहरोत्रा ने दवाइयां की गुणवत्ता और मुर्गियों में जो भी समस्याएं आती हैं उसको दूर करने की जानकारियां दी आज अंडा एक बेहतरीन पौष्टिक आहार है क्योंकि इसमें मौजूद प्रोटीन के गुण सर्वोत्तम होते हैं आज के कुपोषण से लड़ने के लिए अंडे से बेहतर कुछ भी नहीं है कार्यक्रम में सेल्वम कन्नन (एडवाइजर, हैदराबाद) ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए रणनीतिक योजना (Farmers Strategy) पर मार्गदर्शन दिया।सेमिनार के दौरान विशेषज्ञों ने एक स्वर में कहा कि उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर तेजी से उभर रहा है और यदि वैज्ञानिक तकनीकों, सही प्रबंधन और सरकारी योजनाओं का समुचित उपयोग किया जाए, तो यह क्षेत्र रोजगार और पोषण दोनों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।एक्सपो में लगे स्टॉल्स पर आधुनिक मशीनरी, फीड टेक्नोलॉजी, वैक्सीनेशन सिस्टम और बायोसेक्योरिटी समाधान को देखने और समझने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। यह आयोजन पोल्ट्री उद्योग को नई दिशा देने के साथ-साथ किसानों और उद्यमियों के लिए बड़े अवसर खोल रहा है

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