जनपद में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में पेयजल योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्धता की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में बताया गया कि जनपद में पेयजल योजनाओं का संचालन दो कार्यदायी संस्थाओं—मै० जीवीपीआर एवं मै० वीटीएल गजा—द्वारा किया जा रहा है। मै० जीवीपीआर द्वारा अब तक 66 उच्च जलाशयों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है तथा 181 योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा 61 योजनाओं का ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।वहीं, मै० वीटीएल गजा द्वारा 148 उच्च जलाशयों का निर्माण कराया गया है तथा 100 पेयजल योजनाओं में नियमित जलापूर्ति जारी है। संस्था ने 158 योजनाओं का ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण कार्य भी पूर्ण कर लिया है, जो मिशन की प्रगति को दर्शाता है।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए मै० जीवीपीआर को शेष योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा किसी भी समस्या या बाधा का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद के प्रत्येक घर तक ‘हर घर जल’ का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके।