पिलखुआ
श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचक राजेंद्र पांडे ने भगवान कृष्ण और सुदामा की सच्ची मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कृष्ण और सुदामा बचपन के घनिष्ठ मित्र थे, जिन्होंने साथ गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त की। समय के साथ सुदामा अत्यंत गरीब हो गए, लेकिन उनकी भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति और प्रेम कभी कम नहीं हुआ। अपनी पत्नी के आग्रह पर सुदामा द्वारका पहुंचे और अपने मित्र कृष्ण से मिले। उन्होंने प्रेमपूर्वक चिवड़े की भेंट अर्पित की, जिसे कृष्ण ने बड़े स्नेह से स्वीकार किया। पांडे ने बताया कि सुदामा ने कभी कुछ नहीं मांगा, फिर भी कृष्ण ने उनकी स्थिति समझकर उनका जीवन सुख और समृद्धि से भर दिया। इस कथा के माध्यम से उन्होंने सच्ची मित्रता, निस्वार्थ प्रेम और अटूट भक्ति का संदेश श्रद्धालुओं को दिया। इस मौके पर कृष्ण और सुदामा की मित्रता का को दर्शाते हुए मनमोहक झांकी नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई अयोध्या में विराजमान भगवान श्री राम की मूर्ति के अनुरूप भगवान श्री राम के अलौकिक झांकी आकर्षण का केंद्र है इस मौके पर नवोदय समिति की ओर से कथा व्यास राजेंद्र पांडे को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया