म्योरपुर, सोनभद्र। स्थानीय विकास खंड के गोविंदपुर स्थित बनवासी सेवा आश्रम के विचित्रा महा कक्ष में आयोजित दो दिवसीय महिला संगोष्ठी के दूसरे दिन महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण पर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि संगठन के माध्यम से ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है।मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार मिश्र ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व का भी अवसर प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था है, जिसका लाभ उठाकर महिलाएं ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे संगठित होकर समान विचारधारा विकसित करें और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उसका लाभ उठाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं जनप्रतिनिधि बनें और समाज को आगे बढ़ाने में योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत की जिम्मेदारी पुरुषों के भरोसे छोड़ने के बजाय महिलाओं को स्वयं नेतृत्व करना चाहिए। समाज कल्याण विभाग के चन्द्रवली यादव ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पात्र लाभार्थियों को आगे आने के लिए प्रेरित किया। इससे पूर्व नागेपुर, वाराणसी की लोक समिति से आईं रंजू ने महिलाओं की पहचान, उनके अधिकार, शोषण एवं अत्याचार के खिलाफ कानूनों और नारी सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उत्तराखंड से आईं रेणु और राकेश ने रचनात्मक महिला मंच के कार्यों और उसकी सफलताओं को साझा करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। मौके पर शुभा प्रेम, नीरा, नीता, सुरेश देव नाथ सिंह, मनीष विश्वकर्मा आदि मौजूद रहीं।