सोनभद्र। शासन की मंशा के अनुरूप जनपद की चारों तहसीलों में माह के प्रथम शनिवार को ‘‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’’ का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।सबसे प्रमुख आयोजन दुद्धी तहसील में हुआ, जहां जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने स्वयं उपस्थित होकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। यहां अधिकांश मामले भूमि विवाद से जुड़े रहे, जिनमें से कई का मौके पर ही निस्तारण किया गया तथा शेष के लिए टीमों को मौके पर भेजा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाए। लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अनुपस्थित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला सेवायोजन अधिकारी, आयुक्त स्वरोजगार, जिला उद्यान अधिकारी, जिला उद्योग अधिकारी तथा सीडीपीओ दुद्धी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।दुद्धी तहसील में कुल 61 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 6 मामलों का निस्तारण मौके पर किया गया, जबकि 55 मामलों को समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया।रॉबर्ट्सगंज तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी की अध्यक्षता में 120 शिकायतें सुनी गईं, जिनमें 20 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि 100 प्रकरण लंबित रहे।ओबरा तहसील में अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में 47 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 3 मामलों का तत्काल निस्तारण किया गया और 44 मामलों को समयबद्ध समाधान के लिए निर्देशित किया गया।घोरावल तहसील में उप जिलाधिकारी आशीष कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में 70 शिकायतें सुनी गईं, जिनमें 5 मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि 65 मामलों को निर्धारित समय में निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को भटकना न पड़े और प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो।