डलमऊ/रायबरेली* कौन कहता है कि महिलाएं अबला होती है आजकल महिला भी दबंगई पर उतारू है मामला डलमऊ थाना क्षेत्र के ग्राम सभा जोहवा नटकी के पूरे कोइली तिवारी का है जहां छोटेलाल पुत्र शिव प्रसाद ने दिनांक 11 मार्च 2026 और 17 मार्च 2006 को दो एप्लीकेशन देकर पुलिस से गुहार लगाई है कि उन्हें दबंग महिला उसकी दबंग बहू और उसके आदमी मोतीलाल पुत्र सूर्यप्रसाद से बचाया जाए शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम सभा बनाम छोटेलाल वाद न्यायालय श्रीमान तहसीलदार महोदय न्यायिक डलमऊ के यहां विचाराधीन है लेकिन उनके पड़ोसी विजय कुमारी पत्नी मोतीलाल और मोतीलाल पुत्र सूर्य प्रसाद तथा उनके पुत्र अमित कुमार की पत्नी (बहू) नाम अज्ञात लगातार परेशान कर रहे हैं और वर्षों पुरानी इनकी दीवाल को धीरे-धीरे गिराने का प्रयास कर रहे हैं रोज 2..4 ईंट उखाड़ कर फेंक देते हैं और जब शिकायतकर्ता रखने का प्रयास करते हैं तो महिलाएं दबंगई दिखाते हुए पुरुषों से आगे खड़ी होकर मारपीट करने पर उतारू हो जाती हैं और साथ में यह भी धमकी देती हैं कि हाथ तो लगाओ ऐसे मुकदमे में फसाएंगे जिंदगी भर जेल से बाहर नहीं निकल पाओगे। बताते चले कि जिस भूमि पर दीवाल खड़ी है वह भूमि छोटेलाल को आवासीय पट्टे के रूप में प्राप्त हुई थी जिस पर उनके द्वारा लैट्रिन का निर्माण किया गया है दीवाल खड़ी की गई है टीन सेट और छप्पर रखकर अपने पशु बांधे जा रहें इसी भूमि पर नल है और ठीक उसी भूमि से पीछे जुड़ा हुआ उनका मकान बना है लेकिन प्रतिपक्षिगण उस भूमि पर दबंगई के बल पर दीवार गिरकर कब्जा करना चाहते हैं। छोटेलाल अत्यंत ही गरीब व्यक्ति हैं उनके पास साइकिल के पंचर बनाने की एक छोटी सी दुकान है जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं लेकिन दबंग उन पर बिल्कुल भी तरस नहीं खा रहे हैं और उनकी पट्टे की भूमि को कब्जाने का प्रयास कर रहे हैं। मोतीलाल और उनके परिवार की दबंगई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि छोटे लाल के द्वारा 11 मार्च 2026 को दिए गए एप्लीकेशन पर जो पुलिस वाले पहुंचे हैं तो महिलाएं पुलिस वालों के सामने भीड़कर खड़ी हो जाती हैं और पुलिस वालों की इतनी हिम्मत नहीं पड़ती है कि वह उन महिलाओं को कुछ कह सके महिलाओं के द्वारा सीधा-सीधा पुलिस वालों से कहा गया कि डीएम और एसडीएम तथा तहसीलदार ही ईट रखवा सकते हैं जो इन्हें उनके द्वारा गिराई गई हैं यह छोटे लाल उनका परिवार नहीं रख सकता और ना ही पुलिस रखवा सकती है मतलब चोरी तो चोरी ऊपर से सीना जोरी वह भी दबंगई के साथ। छोटेलाल और उनके परिवार लड़ाई झगड़े को बचा रहा है किसी का फायदा उठाकर दबंग रोज उनकी दीवाल को तोड़ रहे हैं दीवाल को नीचे से कमजोर कर चुके हैं उनका मकसद सिर्फ इतना है कि जैसे ही दीवाल गिरती है आर पर कब्जा कर लिया जाएगा जबकि इस दीवाल की भूमि से संबंधित वार्ड आज भी न्यायालय श्रीमान तहसीलदार महोदय न्यायिक डलमऊ तहसील के यहां विचाराधीन है तो जब मुकदमा बेचारा दिन है तो प्रतिपक्षी गण मुकदमे के नियंत्रण तक इंतजार क्यों नहीं करना चाहते सबसे बड़ा सवाल तो यह है क्या विपक्षी कानून को ताक पर रखकर दबंगई के बल जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं जिसके लिए महिलाओं का सहारा लिया जा रहा है या फिर एक गरीब को अनायास ही परेशान कर रहे हैं। महिलाओं के सामने डलमऊ पुलिस भी कार्यवाही करने के बजाय बेबस नजर आती है।