हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात रसूलाबाद तहसील क्षेत्र के ग्राम पहाड़पुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. देवकीनंदन पांडेय ने भक्त प्रह्लाद के प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।कथावाचक ने बताया कि असुर कुल में जन्म लेने के बावजूद भक्त प्रह्लाद के संस्कार नहीं बदले। उन्होंने भगवान विष्णु की अटूट भक्ति के माध्यम से यह सिद्ध किया कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं को भगवान को समर्पित कर देता है उसके जीवन के कर्ता-धर्ता स्वयं भगवान बन जाते हैं।कथा के दौरान उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार मां अपने बच्चे की रक्षा करती है उसी प्रकार भगवान अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं। उन्होंने चौपाई करहु सदा तिनकै रखवारी जिमि बालक राखै महतारी का उल्लेख करते हुए भगवान नरसिंह द्वारा भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अत्याचारी हिरण्यकश्यप के वध का प्रसंग सुनाया जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।कथावाचक ने यह भी कहा कि कथा श्रवण से मनुष्य का आध्यात्मिक कल्याण होता है और जीवन को सही दिशा मिलती है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सांसारिक कार्यों के साथ-साथ मोक्ष प्राप्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण अवश्य करें।इस अवसर पर अशोक शुक्ला दिलीप शुक्ला वीरेंद्र शुक्ला राजेंद्र शुक्ला सुरेंद्र शुक्ला अवधेश शुक्ला परीक्षित चंद्र कुमार शुक्ला, एडीओ शिव शंकर द्विवेदी सहित शुक्ला परिवार एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।