जब जागो तभी सबेरा नाटक ने पर्यावरण व स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

जब जागो तभी सबेरा नाटक ने पर्यावरण व स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
  • जब जागो तभी सबेरा नाटक ने पर्यावरण व स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

  • तीन दिवसीय नुक्कड़ नाट्य समारोह का पहला दिन


  गोरखपुर। नाट्य दल गोरखपुर द्वारा तीन दिवसीय "गोरखपुर नुक्कड़ नाट्य समारोह" के अंतर्गत  शहर के गोलघर स्थित चेतना तिराहा पर नुक्कड़ नाटक 'जब जागो तभी सबेरा' का हुआ मंचन जिसमें पर्यावरण स्वच्छता व डेंगू जैसे खतरनाक बीमारी के बारे में जागरूक किया गया ।  कार्यक्रम का उद्घाटन लखनऊ से आए वरिष्ठ रंगकर्मी सर्वजीत सिंह ने किया । उन्होंने कलाकारों का समर्थन करते हुए कहा कि ऐसे जन जागरूकता वाले कार्यक्रम जगह-जगह होने चाहिए ताकि लोगों के अंदर जागरूकता आए और समाज में फैले पर्यावरण के प्रति उदासीनता दूर हो ।
       नाटक का कथानक कुछ इस प्रकार है । यमलोक का दरबार सजा हुआ है महाराज यमराज काफी चिंतित हैं क्योंकि यमलोक में तमाम सारी आत्माएं अकाल मृत्यु से यमलोक पहुंच रही हैं,आखिर धरती पर ऐसा क्या हो रहा है, क्यों हो रहा है कि लोगों की अकारण असमय मृत्यु हो रही है ।  महाराज यमराज अपने दोनों दुतो को आदेश देते हैं कि धरती पर जाओ देखो और वहां का अवलोकन करो, पता लगाओ आखिर मानव ऐसी कौन सी गलती कर रहा है जिससे उसकी असमय मृत्यु हो रही है ।
       दोनों दूत धरती पर आते हैं और वहां अवलोकन करते हैं । अवलोकन करने पर पता चलता है कि मानव पेड़ों की कटाई कर रहा है पेड़ों की कटाई से ऑक्सीजन  की कमी हो रही है और जगह-जगह गंदगी फैल रहा है, कूड़ा कचरा व्यवस्थित जगह लोग नहीं डालकर इधर-उधर डाल देते हैं इन्हीं सब कारणों से पर्यावरण पूरी तरह से दूषित हो रहा है और गंदगी के कारण तमाम सारे मच्छर पनप रहे हैं और यह मच्छर मानव को जब काटते हैं तो तमाम सारी बीमारियां हो रही हैं और अधिक से अधिक मानव बीमार पड़ रहे हैं जिस कारण लोगों का असमय मृत्यु हो रही है ।
जब दूत यहां यह सब देखते हैं तो चिंतित होते हैं और वह सब सोचते हैं कि अगर ऐसा रहा तो पृथ्वी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा । दोनों दूत निर्णय लेते हैं कि धरती पर मानव को जागरूक किया जाए दोनों दूत अपना भेष बदलकर मानव से मिलते हैं और अपनी बात रखते हैं और लोगों को समझाते हैं ।

 

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आप लोग पेड़ों की कटाई बंद करिए और ज्यादा से ज्यादा आप लोग पेड़ लगाएं जिससे ऑक्सीजन की कमी दूर होगी और कूड़ा - कचरा इधर-उधर ना फेंके । दूत लोगों को समझाते समझाते अगले गांव पर पहुंचते हैं तो वहां देखते हैं कि एक डेंगू का पेशेंट झोलाछाप डॉक्टर से दिखा दिखा कर के परेशान है । दूत लोगों को इस डेंगू के लक्षण के बारे में बताते हैं और अच्छे डॉक्टर से दिखाने की सलाह देते हैं या जिला अस्पताल व पास के हॉस्पिटल में जाने का सलाह देते हैं, अगर आप ऐसा करेंगे तो आप लोग स्वस्थ रहेंगे और आप लोग बीमार नहीं पड़ेंगे । उन सबको दूत  की बात समझ में आ जाती है इस नाटक में लोगों को इन सब बातों पर जागरूक करने के लिए एक प्रयास किया गया है । नाटक का नाम "जब जागो तभी सवेरा" जैसा कि नाटक नाम से ही स्पष्ट है जब आप जाग जाएं आपकी जिंदगी में उसी दिन से सवेरा हो जाएगा । नाटक में भाग लेने वाले कलाकारों के नाम इस प्रकार हैं पूनम, प्रियंका शर्मा, ईश्वरचंद्र राव, उपेंद्र नाथ तिवारी, गिरिजेश दुबे, रोहित, प्रियांशु, अभिषेक आस्था, अरशद बद्रीश ने बेहतरीन अभिनयकर सकारात्मक संदेश लोगों में प्रेषित किया । लेखक एवं निर्देशक गुलाम हसन खान रहे । संजय कुमार गुप्ता चौकी प्रभारी जटेपुर थाना कैंट ने कार्यक्रम का पोस्टर अनावरण व स्मृति चिन्ह भेंटकर  संस्था के तरफ से सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में सहयोग प्रदीप जायसवाल देशबंधु,राजेश राज बेचन सिंस पटेल ,विवेक श्रीवास्तव आदि ।