उन्नाव जिला अस्पताल में नवजात मृत्यु दर घटेगी, CPAP मशीनें लगाई गईं, DM ने व्यवस्था देखी
उन्नाव। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसी क्रम में, जिला महिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में सीपीएपी (CPAP) मशीन स्थापित की गई है। यह मशीन उन प्री-मैच्योर नवजातों के लिए बेहद उपयोगी है, जिनके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होते और जिन्हें निरंतर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। बता दे कि जिलाधिकारी ने बताया कि एक सीपीएपी मशीन यूनिवर्सल हेल्थ केयर के सहयोग से मिली है, जबकि दूसरी मशीन जल्द ही चिकित्सा विभाग से समन्वय कर मंगवाई जा रही है। इन दोनों मशीनों के चालू होने से जिले से उच्च केंद्रों (हायर सेंटर्स) पर रेफर किए जाने वाले नवजातों की संख्या में लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है। इससे गंभीर नवजातों का बेहतर इलाज अब जिले में ही संभव हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं पर भी जानकारी दी। ड्यूटी चार्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि कर्मचारियों के स्थानांतरण नियमित रूप से होते हैं, लेकिन कुछ विशेष तकनीकी और विशेषज्ञता वाले कार्यों के लिए कर्मियों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनात रखा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी चार्ट को मैसेज डिस्प्ले बोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट किया जाता है, और कागजी रूप में भी अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जिला अस्पताल पुरुष परिसर में बने रैन बसेरा के बंद होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि दोपहर के समय यह उनके संज्ञान में आया था कि रैन बसेरा बंद था, जबकि शाम को यह चालू पाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी चार्ट को मैसेज डिस्प्ले बोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट किया जाता है, और कागजी रूप में भी अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। जिला अस्पताल पुरुष परिसर में बने रैन बसेरा के बंद होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने बताया कि दोपहर के समय यह उनके संज्ञान में आया था कि रैन बसेरा बंद था, जबकि शाम को यह चालू पाया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि रैन बसेरा पूरे दिन संचालित रहे और ठंड को देखते हुए नगर पालिका के माध्यम से अलाव सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। यदि रात में भी रैन बसेरा बंद पाया गया तो इसकी जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को मरीजों और उनके तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।