बिजनौर।
राष्ट्रीय जाट महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सचिन सरोहा ने जनपद के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि कुछ स्थानीय नेता अपनी राजनीति चमकाने और अखबारों की सुर्खियां बटोरने के लिए माफियाओं और गुंडा तत्वों को संरक्षण दे रहे हैं। मंगलवार को एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ जिलाधिकारी बिजनौर से मुलाकात के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधी की कोई जाति, धर्म या बिरादरी नहीं होती और उन्हें संरक्षण देना समाज के लिए आत्मघाती है।
चौधरी सचिन सरोहा ने पूर्व सांसद कुंवर भारतेंदु सिंह पर माफिया तालिब बंधुओं द्वारा किए गए जानलेवा हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि पर इस तरह का हमला यह दर्शाता है कि माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उनके मन में कानून व जनप्रतिनिधियों के प्रति कोई भय नहीं रह गया है। उन्होंने स्थानीय नेताओं को नसीहत दी कि उन्हें अपराधी तत्वों का साथ देने के बजाय निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए और समाज में द्वेष फैलाने वाले लोगों से दूरी बनानी चाहिए।तालिब बंधुओं की ‘अरबपति’ बनने की कहानी की हो जांचराष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिलाधिकारी के समक्ष गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर तालिब बंधु लंबे समय से सरकार के टैक्सों की चोरी करके इतने कम समय में अरबपति कैसे बन गए? उन्होंने मांग की कि इस पूरे साम्राज्य की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए कि आखिर इस अकूत संपत्ति का स्रोत क्या है। सुरक्षा बढ़ाने और निष्पक्ष जांच की मांगप्रतिनिधिमंडल में शामिल अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के प्रदेश सचिव डॉ. विकुल मलिक एवं प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष सचिन मलिक ने भी अपनी-अपनी टीम के साथ जिलाधिकारी को अलग-अलग मांग पत्र सौंपे। उन्होंने संयुक्त रूप से मांग की कि पूर्व सांसद कुंवर भारतेंदु सिंह की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से बढ़ाई जाए। इस हमले के पीछे की पूरी साजिश और आरोपियों के आर्थिक साम्राज्य की निष्पक्ष जांच हो।जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय जाट महासभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भारी भीड़ मौजूद रही। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि यदि माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।