आयकर विभाग द्वारा “आयकर अधिनियम के अंतर्गत अनुपालन / अग्रिम कर” विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित

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गाजियाबाद। आयकर विभाग द्वारा “आयकर अधिनियम के अंतर्गत अनुपालन / अग्रिम कर” विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सीजीओ कॉम्प्लेक्स-1, गाजियाबाद के द्वितीय तल स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती अपर्णा करण, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, कानपुर द्वारा की गई। इस अवसर पर डॉ रेनुका जैन गुप्ता, मुख्य आयकर आयुक्त, गाजियाबाद; सुश्री दीपिका मित्तल, प्रधान आयकर आयुक्त, गाजियाबाद; तथा डॉ श्योदान सिंह भदौरिया, प्रधान आयकर आयुक्त, कानपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त श्री संजय चौरसिया, अतिरिक्त आयकर आयुक्त; श्री नवाब सिंह, अतिरिक्त आयकर आयुक्त; श्री आशीष शुक्ला, सहायक आयकर आयुक्त तथा गाजियाबाद स्टेशन पर कार्यरत आयकर अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस सत्र में गाजियाबाद के प्रमुख करदाता एवं कर सलाहकार जैसे आर. के. गोविल, अशोक गांधी, सुमित बंसल, मधुसूदन कपूर, योगेश कंसल, जे. आर. जैन, अनिल गुप्ता, नितिन गर्ग सहित 40 से अधिक टैक्स प्रोफेसनल एवं उद्योग से सम्बंधित कर दाता लोग भी उपस्थित रहे और उन्होंने विभिन्न कर संबंधी विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। इस बैठक का संचालन सुश्री दीपिका मित्तल, प्रधान आयकर आयुक्त, गाजियाबाद के मार्गदर्शन में किया गया। उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड के साथ-साथ गाजियाबाद प्रभार में कर संग्रहण तथा करदाताओं से संबंधित कर समस्याओं एवं उनके निस्तारण से संबंधित समग्र अवलोकन डॉ. श्योदान सिंह भदौरिया, प्रधान आयकर आयुक्त, कानपुर द्वारा उपस्थित सभी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बैठक के दौरान डॉ. रेनुका जैन गुप्ता, मुख्य आयकर आयुक्त, गाजियाबाद ने विश्वास व्यक्त किया कि गाजियाबाद प्रभार के करदाता ईमानदारीपूर्वक अपने आय का सही आकलन कर 15 मार्च से पूर्व अपना अग्रिम कर अवश्य जमा करेंगे। बैठक के दौरान श्रीमती अपर्णा करण, Pr. CCIT, कानपुर ने गाजियाबाद चार्ज के करदाताओं से अनुरोध किया कि वे अग्रिम कर की अंतिम किस्त, 15 मार्च से पूर्व अपनी आय का सही-सही आकलन करते हुए सटीक अग्रिम कर जमा करें, जिससे ब्याज एवं अन्य दंडात्मक परिणामों से बचा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग द्वारा निर्धारित कुल कर संग्रह लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की गई है। तथापि टेक्सटाइल, रियल एस्टेट तथा कुछ अन्य क्षेत्रों में कर संग्रह में लगभग 80 से 95 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। इस संबंध में उन्होंने इन क्षेत्रों में कर संग्रह में आई कमी के कारणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने करदाताओं को अवगत कराया कि विभाग के पास विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाएँ उपलब्ध हैं, अतः करदाताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी वास्तविक आय का सही-सही आकलन कर समुचित अग्रिम कर का भुगतान करें। कार्यक्रम के दौरान श्री संजय चौरसिया, अतिरिक्त आयकर आयुक्त द्वारा एक पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में कर संग्रह की स्थिति, वृद्धि तथा कमी का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। यह इंटरैक्टिव सत्र अत्यंत उपयोगी एवं सार्थक रहा, जिसमें करदाताओं और आयकर विभाग के अधिकारियों के बीच कर अनुपालन, अग्रिम कर भुगतान तथा कर संग्रह में वृद्धि से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

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