बहराइच। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को सीएचसी मुस्तफाबाद, जरवल के प्रांगण में मोबियस फाउंडेशन के वित्तीय सहयोग से स्वास्थ्य विभाग और पापुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। महिला सशक्तिकरण को समर्पित इस मेले में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।मेले में कुल 754 लोगों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 722 महिला व पुरुष तथा 32 किशोर-किशोरियां शामिल रहीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने 350 मरीजों की इंटरनल मेडिकल ओपीडी तथा 240 सामान्य मेडिकल ओपीडी में जांच की। इसके अलावा 42 किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।read more:https://khabarentertainment.in/bhupendra-singh-becomes-the-new-sardar-of-lajpat-nagar-gurdwara-committee/ स्वास्थ्य मेले में 43 पुरुषों को परिवार नियोजन पर विशेष परामर्श दिया गया, जबकि महिला और पुरुष मिलाकर 50 लाभार्थियों को परिवार नियोजन साधनों के साथ परामर्श उपलब्ध कराया गया। पात्र लाभार्थियों के 33 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए, ताकि उन्हें जरूरत पड़ने पर निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सके।मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, समूह सखी और स्वास्थ्य सखियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर महिलाओं को बाल विवाह के दुष्प्रभाव, परिवार नियोजन के महत्व और दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर रखने के प्रति जागरूक किया गया। टीबी मरीजों को पोषण सहयोग के लिए पोषण पोटली भी वितरित की गई।read more:https://khabarentertainment.in/police-fail-to-find-journalists-missing-daughter/ मेले को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि महिला दिवस आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों का प्रतीक है। एक स्वस्थ महिला ही सशक्त समाज की नींव रखती है।वहीं उपायुक्त (स्वत: रोजगार) धनंजय सिंह, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और आजीविका एक-दूसरे के पूरक हैं और हमारा लक्ष्य महिलाओं को शारीरिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुंवर रितेश ने बताया कि इस तरह के स्वास्थ्य मेले ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि सभी पात्र परिवारों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनें, ताकि कोई भी गरीब इलाज से वंचित न रहे।कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 65 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पीएफआई की राज्य प्रतिनिधि शिल्पा नायर, खंड विकास अधिकारी जरवल, डीएचईआईओ बृजेश सिंह, डीसीपीएम मो. राशिद, आरकेएसके से राकेश गुप्ता, मोबियस फाउंडेशन से प्रभात कुमार तथा पीएफआई के कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे।