भदोही। नगर के मोहल्ला पश्चिम तरफ स्थित ताहा जामा मस्जिद में रमजान की 13 वीं शब को हाफ़िज आसिफ ने नमाजे तरावीह मुकम्मल की। तरावीह मुकम्मल होने के बाद मुक्तदियों ने हाफिज आसिफ को फूलों का हार पहनाकर मुबारकबाद दी। इस अवसर पर मौलाना कुतुबुद्दीन ने तरावीह मुकम्मल हो जाने के बाद तकरीर करते हुए रमजान महीने की फजीलत को बयान किया। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना इबादतों का महीना है। ऐसे में सभी मोमिन को चाहिए कि वह रोजा रखकर अधिक से अधिक इबादत करें। मौलाना ने कहा कि तरावीह मुकम्मल हो जाने के बाद अधिकांश लोग एशा की नमाज अदा करना भूल जाते हैं। जबकि तरावीह चांद से चांद तक पढ़ी जाती है। अगर तरावीह मुकम्मल हो गई है तो एक बार फिर तरावीह पढ़ी जा सकती है। उसके बाद सूरह तरावीह ईद का चांद दिखने तक पढ़ सकते हैं। अंत में दुआ की गई। जिसमें मौलाना कुतुबुद्दीन ने मुल्क में अमन-चैन कायम रखने तथा अहले इस्लाम के लिए दुआएं मांगी गई। जो परेशान हाल है उनकी परेशानियों को दूर करने, जो बीमार है उनकी शिफा के लिए भी दुआएं हुई। उसके बाद सलातो सलाम का नजराना पेश किया गया। इस मौके पर मस्जिद के मोतवल्ली तथा वरिष्ठ सभासद हसीब खान, विधायक जाहिद बेग, डॉ हफीजुल्लाह खां, वरिष्ठ सपा नेता जावेद खां, अली शेर खां, तंजील रब्बानी, कफील खां, मो0 आलम खां, लाडले खां, तनवीर हयात खां, शकील खां, बब्लू खां, मुस्लिम खां, हसन फिरोज खान, बाबर खां, नूर खां, चंगेज खान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।