हाड़ौती को बड़ी सौगात, भामाशाह मंडी विस्तार का रास्ता हुआ साफ

Share

 राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की मंजूरी, हाड़ौती के लाखों किसानों को बड़ी राहत
96 हैक्टेयर में विस्तार को मंजूरी से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली/कोटा, 18 मार्च। देश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडिय़ों में शामिल भामाशाह कृषि उपज मंडी के विस्तार को मंजूरी मिल गई है। वर्षों से लंबित मंडी के विस्तार को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की 89वीं स्थायी समिति की बैठक में महत्वपूर्ण मंजूरी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में हर्ष की लहर है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निरन्तर प्रयासों से मिली सफलता से हाड़ौती क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। भामाशाह मंडी के विस्तार से भंडारण, विपणन और परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और व्यापारियों को आधुनिक ढांचा उपलब्ध होगा।जाम और लम्बे इंतजार से मिलेगी निजात
भामाशाह मंडी में हाड़ौती के साथ मध्यप्रदेश से जुड़े क्षेत्रों से भी किसान उपज बेचने के लिए आते है। सीजन के दौरान मंडी में प्रवेश के लिए वाहनों की लम्बी कतारें लगने से किसानों को इंतजार के साथ परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके साथ ही आवक के मुकाबले मंडी में पर्याप्त शेड नहीं होने से बारिश के समय किसानों की उपज खराब होने का खतरा रहता है। विस्तार के साथ ही मंडी में कारोबार में कई गुना की वृद्धि होगी, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 से भी मंडी सीधी जुड़ जाएगी इससे जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी औऱ किसानों को उपज बेचने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।read more:https://pahaltoday.com/a-total-of-21-teams-from-uttar-pradesh-and-bihar-participated-in-the-fagua-festival-2026/अरसे से अटका था मामला मंडी से जुड़े वन भूमि के कारण विस्तार का मामला वर्षो से लम्बित था। विस्तार की स्वीकृति मिली तो फिर वन क्षेत्र से गुजर रहे राजमार्ग के किनारे एक कि.मी. तक पौधारोपण से जुड़े नियमों के कारण विस्तार फिर से अटक गया। दिल्ली में स्पीकर बिरला और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के बीच हुई बैठकों के बाद नियम में शिथिलता के लिए सेंट्रल एंपावर्ड कमेटी (सीईसी) में आवेदन किया गया था। इसके बाद समिति द्वारा वर्ष 2007 में कोटा बाईपास निर्माण के दौरान निर्धारित ग्रीन बेल्ट से जुड़ी शर्तों में संशोधन कर स्वीकृति दे दी गई है, जिससे लगभग 96 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए लैंड डायवर्जन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।11 साल पुराना सपना साकार हुआ वाइल्ड लाइफ के निर्णय की सूचना मिलने के बाद कोटा सीड्स एंड ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने लड्डू बांटकर और आतिशबाजी कर जश्न मनाया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने कहा कि जो स्वपन देखा था वो हुआ साकार, मंडी का होगा विस्तार और हम सभी की ओर से ओम बिरला का आभार। उन्होंने कहा कि 2015 से इसके प्रयास शुरू किए थे आज लम्बे संघर्ष की जीत हुई है, यह निर्णय पूरे हाड़ौती के अन्नदाता के साथ कृषि से जुड़े हर व्यक्ति को प्रभावित करेगा। वर्तमान में 8 हजार करोड़ का सालाना कारोबार है। भामाशाह मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस वे से जुड़ गई है, जल्द ही मंडी तक रेल कनेक्टिविटी होगी और हवाई सेवा शुरू होने से कारोबार 50 हजार करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, साथ ही भामाशाह मंडी विश्व का सबसे बड़ा कृषि विपणन केन्द्र बनेगा।read more:https://pahaltoday.com/national-climate-physiology-innovation-challenge-launched/ रामगढ़ विषधारी रिजर्व में सड़क कार्यों को स्वीकृति  बैठक में रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े दो प्रमुख सड़क कार्यों को भी पर्यावरणीय शर्तों के साथ मंजूरी दी गई। मंडावरा-झाटौली सड़क उन्नयन (5.6 किमी), जिसके तहत मौजूदा कच्चे मार्ग को 3.75 मीटर चौड़ी पक्की सड़क में विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1.3 हेक्टेयर वन भूमि और 3.135 हेक्टेयर गैर-वन भूमि का उपयोग होगा। परियोजना लागत का 2% वन्यजीव संरक्षण, आवास सुधार और पुनर्वास पर खर्च किया जाएगा, साथ ही वन्यजीवों के लिए ‘एनिमल पास’ बनाए जाएंगे तथा हर 300–500 मीटर पर स्पीड ब्रेकर और संकेतक लगाए जाएंगे।इसके अलावा, SH-138 (रामेश्वर चौराहा–NH-148D) सड़क सुदृढ़ीकरण व चौड़ाईकरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गयी है। करीब 35.30 किमी लंबी इस सड़क परियोजना का एक हिस्सा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आता है। इसे स्थानीय जरूरत मानते हुए सशर्त मंजूरी दी गई है। निर्णय के तहत 13.92 हेक्टेयर भूमि बफर जोन में उपयोग होगी, 50 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण, 5 सोलर जल स्रोत और 40 हेक्टेयर में आक्रामक प्रजातियों का उन्मूलन किए जाने की शर्त के साथ मंजूरी दी गयी है।भामाशाह मंडी का विस्तार हाड़ौती क्षेत्र के किसानों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंडी के विस्तार से किसानों को सुविधा के साथ व्यापार सुगम होगा साथ ही क्षेत्र की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। आने वाले वर्षों में कोटा की भामाशाह मंडी देश की सबसे आधुनिक कृषि मंडियों में शामिल होगी और हाड़ौती के लाखों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
ओम बिरला, अध्यक्ष लोकसभा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *