बाराबंकी। अयोध्या-लखनऊ नेशनल हाईवे पर 18 टन एलपीजी से भरे एक टैंकर से गैस रिसाव होने से हड़कंप मच गया। मथुरा से नेपाल जा रहे इस टैंकर में कोतवाली नगर क्षेत्र के असैनी मोड़ के पास रिसाव शुरू हुआ, जिससे हाईवे पर यातायात लगभग 16 घंटे तक बाधित रहा। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य रात भर जारी रहा। गैस रिसाव को रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लखनऊ से कंपनी के विशेषज्ञ अधिकारियों को बुलाया गया। उनकी निगरानी में रिसाव कर रहे टैंकर से एलपीजी को सुरक्षित रूप से खाली टैंकरों में स्थानांतरित किया गया। टैंकर चालक गुरप्रीत मथुरा से करीब 18 टन एलपीजी लादकर नेपाल जा रहा था। बुधवार शाम करीब 6ः45 बजे जैसे ही वह असैनी मोड़ के पास पहुंचा, टैंकर के ऊपरी हिस्से में लगे वाल्व से अचानक गैस का रिसाव होने लगा। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को किनारे रोका। और पुलिस को सूचना दी। ज्वलनशील गैस के रिसाव की खबर मिलते ही प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। मौके पर पहुँची नगर कोतवाली पुलिस और यातायात प्रभारी ने सुरक्षा के लिहाज से बाराबंकी शहर से असैनी मोड़ की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को भी मौके पर बुला लिया गया। रूट डायवर्जन के कारण शहर के मुख्य चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासनिक टीम देर शाम तक गैस रिसाव को पूरी तरह बंद करने के प्रयास में जुटी रही। एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों को भी बंद करा दिया गया ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा के मद्देनजर, दोनों ओर से वाहनों को दूर-दूर तक रोक दिया गया था, जिससे लंबा जाम लग गया। शहर की ओर जाने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया, जबकि बाराबंकी की तरफ आने-जाने वाले वाहनों के रूट भी अस्थायी रूप से बदले गए। प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और स्थिति को समय रहते सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया गया। गुरुवार दोपहर 12 बजे तक हाईवे पर ट्रैफिक फिर से शुरू हो गया है।