पूर्व राज्यमंत्री ठाकुर यशपाल सिंह का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

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नूरपुर (बिजनौर)। स्योहारा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे तथा उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री का दायित्व संभाल चुके वरिष्ठ नेता ठाकुर यशपाल सिंह का मंगलवार तड़के निधन हो गया। वह लंबे समय से किडनी सहित कई बीमारियों से जूझ रहे थे और उपचार के लिए लखनऊ स्थित संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती थे। मंगलवार तड़के लगभग साढ़े चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही स्योहारा-नूरपुर समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।जनपद बिजनौर के नूरपुर क्षेत्र स्थित गांव आजमपुर उर्फ आदोपुर निवासी ठाकुर यशपाल सिंह ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत शिक्षा जगत से की। वर्ष 1975 से 1985 तक उन्होंने राजकीय पॉलिटेक्निक, मुरादाबाद में लेक्चरर के रूप में सेवाएं दीं। अध्यापन के साथ-साथ उन्हें समाजसेवा में विशेष रुचि थी। इसी दौरान तत्कालीन उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने लेक्चरर पद से त्यागपत्र दिया और सक्रिय राजनीति में कदम रखा।read more:https://pahaltoday.com/troubled-by-fake-molestation-allegations-and-blackmailing-youth-commits-suicide-was-about-to-appear-for-cisf-exam/
राजनीतिक जीवन की शुरुआत उन्होंने सहकारी गन्ना समिति से की। क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता का अंदाजा इसी से लगाया जाता है कि 1985 से 1995 तक वे सहकारी गन्ना समिति के सभापति रहे। बाद में यह सीट महिला के लिए आरक्षित होने पर उन्होंने अपनी पत्नी राजेश्वरी देवी को वर्ष 1995 से 2005 तक सभापति बनवाने में सफलता प्राप्त की।वर्ष 1991 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर स्योहारा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। इसके बाद 1992 से 2005 तक समाजवादी पार्टी में विभिन्न पदों पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। राजनीतिक जीवन का अहम पड़ाव वर्ष 2007 में आया, जब उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और उसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में स्योहारा सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। उस समय प्रदेश में मायावती के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्हें कृषि एवं शिक्षा अनुसंधान राज्यमंत्री का दायित्व सौंपा गया, जिसे उन्होंने पूरे कार्यकाल तक निभाया।बताया जाता है कि पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। हालत बिगड़ने पर 23 फरवरी को उन्हें संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान मंगलवार तड़के उनका निधन हो गया।पूर्व मंत्री ठाकुर यशपाल सिंह के निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में समर्थकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

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