बहराइच (पयागपुर तहसील )l महात्मा गांधी के नेतृत्व मे निकाली गई दाण्डी मार्च दिवस के 96वें वर्षगांठ पर पयागपुर कांग्रेस भवन स्थल से इन्दिरा मेमोरियल इण्टर कालेज परिसर में स्थापित गांधी जी की प्रतिमा तक दाण्डी मार्च निकाल कर गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण/पुष्पांजलि अर्पित करते हुए सामूहिक रूप से सलामी दी गई।इस अवसर पर कांग्रेस नेता एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक विनय सिंह ने उपस्थित बच्चों को दाण्डी मार्च की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वाभिमान साहस और जनक्रांति की याद दिलाता है जिसने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। उन्होंने कहा कि 12मार्च 1930 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अन्याय पूर्ण नमक कानून के खिलाफ एक ऐतिहासिक संघर्ष की शुरुआत की थी। जिसे इतिहास में दाण्डी के नाम से प्रख्यात है। यह पदयात्रा केवल नमक बनाने के अधिकार की सिर्फ लड़ाई नही थी बल्कि जनक्रांति बनकर किसानों मजदूरों युवाओं महिलाओं के साथ साथ हर वर्ग के लोगों को भारत की जनता की जनता के आत्मसम्मान स्वाभिमान और स्वतंत्रता की घोषणा के लिए आन्दोलन में जोड़कर महात्मा गांधी जी ने साबरमती आश्रम से दाण्डी तक अपने 78 अनुयायियों के साथ 480 किमी तक पैदल मार्च किया था। जिससे अंग्रेजी सत्ता को भी एहसास हो गया था कि अब भारत को गुलाम बनाकर रखना संभव नही है। क्योंकि महात्मा गांधी जी ने अंग्रेजी साम्राज्य को खुली चुनौती दी थी जिसमें लाखों लोग लोकतंत्र संविधान और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए संघर्ष त्याग और बलिदान के लिए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चल कर देश की एकता और लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए लामबंद हो गए थे।इस दौरान पयागपुर के नगर अध्यक्ष नसीम इदरीसी, पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी नंद कुमार रावत गौतम मिश्रा अवधराज अनिमेष कुमार पाण्डेय सीतारमण पृथ्वी राज पिंटू सिंह भूरे सिंह सहित कई लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के तमाम छात्र और छात्राएं शामिल रहीं।