उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान और सुरक्षित प्रसव पर जोर

Share

बहराइच l जिले में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने यूनिसेफ के सहयोग से एक विशेष पहल की है। इसके तहत ‘उच्च जोखिम गर्भावस्था’ (एचआरपी) की समय पर पहचान और सुरक्षित प्रसव के लिए एएनएम व सीएचओ को प्रशिक्षित किया जा रहा है।डीसीपीएम मो. राशिद ने बताया कि जिले के सभी 14 ब्लॉकों में महिला व पुरुष चिकित्सकों को मास्टर ट्रेनर (टीओटी) के रूप में तैयार किया गया है, जो क्लस्टर बैठकों के जरिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देंगे। इसी कड़ी में आज आकांक्षी ब्लॉक हुजूरपुर में एएनएम को प्रशिक्षित किया गया।उन्होंने बताया कि सरकारी योजना के तहत जमीनी स्तर पर एचआरपी महिलाओं के चिन्हीकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया गया है।read more:https://pahaltoday.com/emphasis-on-adopting-modern-technology-in-farming-progressive-farmers-honored/                                 एचआरपी महिला की पहचान करने पर एएनएम को 200 रुपये और एचआरपी की पहचान व सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराने पर आशा कार्यकर्ता को 300 रुपये दिए जाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि 19 वर्ष से कम या 35 वर्ष से अधिक उम्र, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, जुड़वा गर्भ, पूर्व में सिजेरियन प्रसव, अत्यधिक सूजन और धुंधला दिखना आदि लक्षण उच्च जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में आते हैं।डीसीपीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत हर माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच, निशुल्क पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। मातृ स्वास्थ्य को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अब इन महिलाओं को अभियान के दौरान नाश्ते की जगह पौष्टिक भोजन भी परोसा जाएगा। इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता को परखने के लिए यूनिसेफ दिल्ली की टीम भी जिले का दौरा कर चुकी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत एचआरपी महिलाओं की समय पर पहचान, उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने, नियमित फॉलोअप करने और सुरक्षित संस्थागत प्रसव पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *