बाराबंकी। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे तहसील नवाबगंज क्षेत्र के ग्राम मेंहदीपुर मजरे हरख में पोस्ता/अफीम की खेती का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने अफीम की खेती से होने वाले लाभ और आने वाली चुनौतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान जिला अफीम अधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्तमान में कुल 5038 किसान अफीम की खेती कर रहे हैं। इनमें से 4269 किसान सीपीएस पद्धति के तहत लगभग 5 एयर भूमि पर खेती करते हैं, जबकि शेष 769 किसान 1 एयर भूमि पर पारंपरिक चीरा विधि से अफीम का उत्पादन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने किसानों से बातचीत करते हुए कहा कि अफीम की खेती उनकी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने और खेती से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन किसानों की समस्याओं के समाधान और आवश्यक सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने किसानों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफीम के संग्रहण, भंडारण और अवशेष के निस्तारण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जाए। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखना है। इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।