श्री तुवन मंदिर प्रांगण में बह रही भक्ति की बयार, श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने उमड़े श्रोता
अजय बरया
ललितपुर। श्री तुवन मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत प्रवक्ता स्वामी बालभरत महाराज ने कहा कि बिना ज्ञान और वैराग्य के सच्ची भक्ति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानव केवल बाहरी आडंबर और मूर्ति तक सीमित भक्ति करने लगा है, जबकि सच्ची भक्ति के लिए विवेक, ज्ञान और वैराग्य का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से ही मनुष्य में विवेक जागृत होता है। जब विवेक जागता है तो भौतिक सुख-साधनों के प्रति मोह कम होने लगता है और जीवन में ज्ञान व वैराग्य का उदय होता है। उसी स्थिति में भक्ति का भाव प्रकट होता है और भगवान की सच्ची कृपा प्राप्त होती है। स्वामी जी ने कहा कि श्रेष्ठ गुरु की शरणागति ही भक्ति का वास्तविक मार्ग है और शास्त्रसम्मत जीवन ही मनुष्य को मुक्ति की ओर ले जाता है। श्रीमद् भागवत महापुराण को पंचम वेद बताते हुए उन्होंने कहा कि इस कथा का श्रवण कलियुग के कष्टों को दूर करता है। नौहर कलॉ परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन के दूसरे दिन स्वामी जी ने कहा कि संतों की शरण में रहने से भगवान की प्राप्ति निश्चित होती है। उन्होंने कहा कि आज की भौतिकतावादी सोच मनुष्य को पथभ्रष्ट करने का प्रयास कर रही है, इसलिए विवेक के साथ अपने कर्मों का निर्धारण करना अत्यंत आवश्यक है। कथा 9 मार्च तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से आयोजित की जा रही है। कथा प्रारंभ के अवसर पर यजमान कल्याण सिंह यादव ने श्रीमद् भागवत महापुराण की पोथी पूजन एवं व्यास पूजन संपन्न कराया। कथा के दौरान अभिषेक पांडेय, धर्मेंद्र रावत, राजीव बलेले, अनुजकांत दीक्षित, आशीष लिटौरिया, निखिल तिवारी, प्रतीक जैन, जगमोहन राजपूत, जमुना प्रसाद झा, भगवत नारायण बाजपेयी, पं. बालकृष्ण नायक ‘नन्ना’, प्रशांत शुक्ला, प्रियंक वैध सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रात:कालीन सत्र में श्री तुवन मंदिर परिसर में वैदिक विद्वानों पं. प्रदीप चतुर्वेदी, पं. अतुल मिश्रा, पं. प्रिंस वैद्य, पं. मनोज मिश्रा और पं. अंकित मिश्रा के निर्देशन में पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं वैदिक विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराया गया। इस अनुष्ठान में यजमान के रूप में कल्याण सिंह यादव, जमुना प्रसाद झा, जगमोहन राजपूत, राकेश झा सहित अन्य श्रद्धालु परिवार सहित उपस्थित रहे। संध्याकालीन सत्र में धार्मिक एवं समसामयिक विषयों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।