उभ्भा गांव में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी विकास योजनाएं, जांच की मांग

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सोनभद्र। घोरावल तहसील के उभ्भा ग्राम में सरकार द्वारा स्थापित विकास योजनाओं की बदहाल स्थिति को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच व कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि गांव में लागू कई योजनाएं या तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हैं या रखरखाव के अभाव में समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई हैं।read more:https://khabarentertainment.in/special-on-international-womens-day/ बताया गया कि वर्ष 2019 में आदिवासियों के साथ हुए उम्भा नरसंहार के बाद प्रदेश सरकार ने गांव के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं। इनमें सोलर प्लांट, आरओ प्लांट समेत अन्य सुविधाएं स्थापित की गई थीं, ताकि ग्रामीणों को बिजली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि गांव में लगाया गया सोलर प्लांट पूरी तरह बदहाल हो चुका है। करीब 20 सोलर पैनल चोरी हो चुके हैं और प्लांट से बिजली उत्पादन बंद हो गया है। आएदिन बैटरियों की चोरी की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। खास बात यह है कि प्लांट से करीब 60 मीटर की दूरी पर पुलिस चैकी स्थापित है, इसके बावजूद चोरी की घटनाएं रुक नहीं पा रही हैं। इसके अलावा आदिवासी क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्थापित आरओ प्लांट भी खराब स्थिति में है। गांव के प्राथमिक विद्यालय उभ्भा में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों को बोरिंग का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहद खराब बताई गई है। ज्ञापन में जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान पूर्व शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी, आरटीआई जिलाध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा और जिला महासचिव दयाशंकर पांडे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

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