खंता-अबाड़ी को पर्यटन स्थल बनाने की मांग

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म्योरपुर, सोनभद्र। विकास खंड म्योरपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत पड़री स्थित खंता पिकनिक स्पॉट व अबाड़ी (मिनी गोवा) सहित रनटोला और मुर्धवा की प्राचीन चट्टानों के आसपास के क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण चिंतक प्रशांत दुबे ने इन स्थलों को टूरिस्ट जोन घोषित करने की आवश्यकता बताई है।
उन्होंने कहा कि यह इलाका प्राकृतिक सौंदर्य और भौगोलिक विशेषताओं के कारण अन्य मैदानी जिलों से पूरी तरह अलग है। यहां आदिवासी व ग्रामीण समुदाय का जीवन काफी कठिन है और आय के सीमित साधन होने के कारण लोग आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं। यदि खंता और अबाड़ी जैसे स्थानों को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाता है तो यहां देश-विदेश से पर्यटक आएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को होमस्टे, भोजन, गाइड सेवा और अन्य गतिविधियों के जरिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। लखनऊ स्थित मान्यवर कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट में होमस्टे प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे प्रशांत दुबे ने बताया कि जिस प्रकार अन्य जिलों में पर्यटन के माध्यम से राजस्व बढ़ रहा है, उसी तरह इस क्षेत्र में भी विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान दशहरी ग्राम, पारंपरिक शिल्पकारी, चिकनकारी और ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कर पर्यटन के महत्व को समझा। उन्होंने कहा कि रनटोला और मुर्धवा क्षेत्र की करोड़ों वर्ष पुरानी चट्टानें, वनस्पतियां, पेड़-पौधे और यहां के पारंपरिक रीति-रिवाज इस क्षेत्र को विशिष्ट बनाते हैं। यदि इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाया जाए तो यह न केवल जिले की पहचान बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आय और जीवन स्तर में भी सुधार लाएगा।

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