भदोही जिला उपभोक्ता आयोग एक महत्वपूर्ण मामले में परिवादिनी सुशीला देवी को उनके पति की स्वाभाविक मृत्यु के बाद लंबित बीमा क्लेम की धनराशि दिलाते हुए 1,09,767 रु0 का चेक सौंपा गया। जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि मामला सुशीला देवी पत्नी स्वर्गीय मुंगारू, निवासी वार्ड संख्या 13, नेहरू नगर, नई बाजार, थाना भदोही, जनपद भदोही से संबंधित है। परिवादिनी ने शाखा प्रबंधक, भारतीय जीवन बीमा निगम (भदोही मंडल, वाराणसी) तथा क्षेत्रीय प्रबंधक, भारतीय जीवन बीमा निगम (महात्मा गांधी रोड, कानपुर) को पक्षकार बनाते हुए 10 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पति ने जीवनकाल में भारतीय जीवन बीमा निगम से एक बीमा पॉलिसी ली थी, किन्तु उनकी मृत्यु के पश्चात बीमा कंपनी द्वारा क्लेम का भुगतान नहीं किया जा रहा था। मामले की सुनवाई के उपरांत जिला उपभोक्ता आयोग ने 9 मार्च 2026 को परिवादिनी के पक्ष में निर्णय देते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम को निर्देशित किया कि वह दो माह के भीतर बीमा की मूल धनराशि 1,00,000रु0 क्लेम निरस्तीकरण की तिथि 23 मई 2025 से 6% वार्षिक ब्याज सहित तथा 5,000 रु0 वाद व्यय के रूप में अदा करे। आयोग के आदेश के अनुपालन में भारतीय जीवन बीमा निगम ने निर्धारित समय सीमा के भीतर कुल 1,09,767 रु0 की धनराशि का चेक आयोग के समक्ष जमा कर दिया। उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण में परिवादिनी को आदेश के अनुपालन हेतु किसी प्रकार का निष्पादन वाद दाखिल नहीं करना पड़ा, बल्कि बीमा कंपनी ने स्वयं तत्परता दिखाते हुए आदेश का पालन किया। मंगलवार को खुले न्यायालय में जिला उपभोक्ता आयोग भदोही के अध्यक्ष संजय कुमार डे, महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव एवं सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ द्वारा परिवादिनी सुशीला देवी को उनके अधिवक्ता सुनील कुमार यादव की पहचान पर 1,09,767 रु0 का अकाउंट पेयी चेक सौंपा गया।