हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात शैक्षिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजकीय जिला पुस्तकालय तथा पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना को लेकर विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयनन्, अब तक की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य विकास आधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, युवाओं एवं आम नागरिकों को शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगारपरक जानकारी एवं ज्ञानवर्धक साहित्य सुलभ हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और साक्षर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना एवं उसका क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए।read more:https://worldtrustednews.in/illegal-diagnostic-centres-are-spreading-like-a-spider-web-in-nighasan/ इसके साथ ही आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, कंप्यूटर, फर्नीचर एवं अन्य तकनीकी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देशित किया कि डिजिटल लाइब्रेरी में ई-बुक्स, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री, सामान्य ज्ञान, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास से जुड़ी जानकारी सहित अन्य उपयोगी डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाए। साथ ही विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि योजना का अधिकतम लाभ जनसामान्य तक पहुंच सके। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल तकनीक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसे में डिजिटल लाइब्रेरी जैसी पहल विद्यार्थियों और युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने का माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के बीच डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता में जो अंतर है, उसे कम करने के लिए भी डिजिटल लाइब्रेरी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में विभागीय समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि पंचायती राज, शिक्षा एवं पुस्तकालय विभाग आपसी तालमेल से कार्य करें।