सोनभद्र। जिले के स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार एक बार फिर उजागर हो गया। सीएमओ कार्यालय में तैनात संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर चंचल यादव को अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण और नवीनीकरण के नाम पर 50 हजार की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया, यह कार्रवाई राबर्ट्सगंज रोडवेज परिसर के पास की गई, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक संविदा कर्मी इतनी बड़ी रिश्वतखोरी का खेल बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी या संरक्षण के कैसे चला रहा था, क्या यह पूरा मामला सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। सूत्रों की मानें तो विभाग में लंबे समय से पंजीकरण और नवीनीकरण के नाम पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे, जिससे भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिलता रहा। हैरानी की बात यह भी है कि आम जनता को सुविधा देने के लिए बनाए गए स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर अब वसूली के अड्डे बनते जा रहे हैं, पीड़ितों को काम कराने के लिए रिश्वत देने पर मजबूर होना पड़ता है, एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई ने न केवल विभाग की पोल खोल दी है बल्कि यह भी संकेत दे दिया है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि विभागीय अधिकारी इस मामले को दबाने की कोशिश करते हैं या फिर पारदर्शिता दिखाते हुए पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हैं, फिलहाल इस घटना के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और जिम्मेदार अधिकारी सवालों से बचते नजर आ रहे हैं।