भदोही। डीघ ब्लाक के कलिंजरा गांव में सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के दिन सुबह 9 बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सुबह 8 बजे से ही पूरे गांव का वातावरण भक्तिमय हो गया। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर लाल पीले वस्त्रों में मंगल गीत गाते हुए यात्रा में भाग लिया।कलश यात्रा कथा स्थल से प्रारम्भ होकर पक्के गंगा घाट पर हाथी घोड़ा बैंड बाजा के साथ पहुंची जहां पर कथा व्यास डॉ रामानंद महाराज के द्वारा गंगा पूजन कराया गया तत्पश्चात मातृ-शक्तियों ने कलश में पवित्र गंगा जल भरकर सिर पर धारण किया और धार्मिक जयघोष के बीच कथा स्थल पर पहुंची। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और संभ्रांत लोगों ने भी पूण्य का लाभ लिया।कलश यात्रा में रथ पर विराजमान श्रीमद्भागवत महापुराण की भव्य झांकी सबके आकर्षण का केंद्र रही। कथा व्यास डॉ रामानंद जी महाराज ने बताया कि कलश यात्रा का विशेष महत्व होता है। कलश को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है।read more:https://worldtrustednews.in/voices-raised-in-support-of-small-and-medium-newspapers-demand-for-fair-distribution-of-government-advertisements-intensifies/ जल से भरा कलश सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता का संचार करता है। इससे कथा स्थल का वातावरण शुद्ध होता है और कथा निर्विघ्न संपन्न होती है।कथा सोमवार से प्रारंभ होकर 20 अप्रैल को महा प्रसाद वितरण के साथ पूर्ण होगी। कलश यात्रा के साथ ही आज से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया। पहले दिन की सायं साढ़े चार बजे से प्रारंभ होगी।कलश यात्रा में प्रमुख रूप से जय शंकर तिवारी, सचिन तिवारी, रवि शंकर पाण्डेय, प्रेम शंकर पाण्डेय, रमा शंकर मिश्र, शोभनाथ तिवारी, अरूण मिश्र, मुनीब तिवारी, रिंकेश तिवारी, मातास्वरूप, मीरा मिश्रा, प्रियंका, पूजा, गुड़िया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।