औरैया -भाग्यनगर ब्लॉक के जमौली गांव में स्थित बाबा ब्रह्मदेव मंदिर पर तीन दिवसीय मेला गुरुवार से शुरू हो गया है। मंदिर परिसर को रोशनी से सजाया गया है। शुक्रवार को बाबा ब्रह्मदेव को ज्वारे और झंडा चढ़ाने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।चैत्र मास की पूर्णिमा पर लगने वाले इस मेले में कन्नौज, जालौन, कानपुर देहात, इटावा, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, झांसी, उरई, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद सहित विभिन्न जनपदों से श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर भक्त बाबा के दरबार में झंडा चढ़ाने आते हैं।पुजारी मोहन दास ने बताया कि बाबा ब्रह्मदेव के स्थान पर मेले की शुरुआत साल 1962 में हुई थी। साहित्यकार के.के. तिवारी ने अपनी मुराद पूरी होने पर मंदिर परिसर में मेले का आयोजन कराया था। तभी से हर वर्ष चैत्र पूर्णिमा पर यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है।मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक महेश चंद्र के अनुसार, मंदिर के पीछे एक पीपल का पेड़ है जो लगभग 300 वर्ष पुराना है। श्रद्धालु मंदिर में आकर बाबा ब्रह्मदेव की पूजा-अर्चना करते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर उन्हें ज्वारे और झंडा चढ़ाते हैं।मेला परिसर में विभिन्न प्रकार की दुकानें सज गई हैं, जिनमें सौंदर्य प्रसाधन से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुएं जैसे घड़ा, सुराही और खेल-खिलौने उपलब्ध हैं। चौकी प्रभारी प्रवीन कुमार ने बताया कि मेले में सुरक्षा बल तैनात किया गया है और अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।