अमेठी। अमेठी के नगर क्षेत्र में स्थित श्री हनुमानगढ़ी मंदिर व वार्ड नंबर 07 के प्राचीन काली माता मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे के आरोप को लेकर सोमवार को जनाक्रोश देखने को मिला। मंदिर समिति व सैकड़ों व्यापारियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि (राजेश मसाला) के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।मंदिर समिति द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि चौक स्थित श्री हनुमानगढ़ी मंदिर की प्राचीन भूमि, जो नगर के प्रमुख चौराहे के समीप स्थित है, राजस्व अभिलेखों में दर्ज होने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इससे न केवल मंदिर की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी पूजा-अर्चना में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।इसी क्रम में अमेठी नगर पंचायत क्षेत्र के रायपुर फुलवारी स्थित प्राचीन काली माता मंदिर पर भी अराजक तत्वों द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है।read more:https://worldtrustednews.in/voices-raised-in-support-of-small-and-medium-newspapers-demand-for-fair-distribution-of-government-advertisements-intensifies/ज्ञापन में कहा गया कि यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां हो रहा अतिक्रमण जनभावनाओं को आहत कर रहा है।जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश मसाला ने कहा कि यह मामला पूरे नगर की आस्था से जुड़ा है और इस पर जनमानस का भारी दबाव है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से अतिक्रमण हटाने और संबंधित अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में सभी को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन परंपरा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, ऐसे में धार्मिक स्थलों पर अराजकता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।इस दौरान पूर्व चेयरमैन चंद्रमा देवी, अग्रहरि समाज जिलाध्यक्ष सियाराम अग्रहरि, रामेंद्र गुप्ता, संतलाल अग्रहरि, पवन अग्रवाल, राकेश अग्रहरि, सुनील अग्रहरि, राजेंद्र अग्रहरि, विशाल अग्रहरि, माता प्रसाद वैश्य, रामू सिंह कसारा, विवेक सिंह (मोनू), ललित सिंह, महिला जिलाध्यक्ष कंचन गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।