शक्तिनगर, सोनभद्र। एनटीपीसी सिंगरौली पावर प्लांट में तृतीय चरण के विस्तारीकरण का कार्य कर रही बीएचईएल कंपनी पर मजदूरों के शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों का कहना है कि कंपनी उनसे निर्धारित 8 घंटे के स्थान पर लगभग 12 घंटे तक काम करा रही है, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे के हिसाब से किया जा रहा है। मजदूरों का आरोप है कि अतिरिक्त समय तक काम लेने के बावजूद उन्हें ओवरटाइम का भुगतान नहीं दिया जा रहा है। श्रम नियमों के अनुसार ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाना चाहिए, लेकिन कंपनी इस नियम का पालन नहीं कर रही है। इसके अलावा कई मजदूरों का वेतन समय पर नहीं मिलने की भी शिकायत सामने आई है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में समाजवादी मजदूर सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश सचिव मुकेश सिंह ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जब से एनटीपीसी सिंगरौली पावर प्लांट के विस्तारीकरण का कार्य बीएचईएल कंपनी को मिला है, तब से मजदूरों के साथ शोषण की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएचईएल प्रबंधन मजदूरों की समस्याओं के समाधान में विफल साबित हो रहा है। मुकेश सिंह ने यह भी कहा कि स्थानीय मजदूरों को काम पर रखने के बजाय अन्य राज्यों से आए गरीब मजदूरों से दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने एनटीपीसी सिंगरौली प्रबंधन से मामले का संज्ञान लेकर जांच कराने और श्रम कानूनों के अनुसार मजदूरों को उचित मजदूरी व ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वही एनटीपीसी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बीएचईएल का है बीएचईएल अपने कॉन्टैक्टर एजेंसियों से वार्ता कर उचित निराकरण करेगी ।