दिल्ली : सर्दियों में पराली जलाने के मुद्दे पर आप सरकार गंभीर, संयुक्त बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री को चिट्ठी

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दिल्ली : सर्दियों में पराली जलाने के मुद्दे पर आप सरकार गंभीर, संयुक्त बैठक के लिए केंद्रीय मंत्री को चिट्ठी

दिल्ली
बुधवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राज्यों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक करने के लिए पत्र लिखा है। राजधानी में सर्दी के मौसम में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की रोक-थाम को लेकर दिल्ली सरकार तेजी से कार्य कर रही है। बुधवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए राज्यों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक करने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में पर्यावरण मंत्री ने सर्दी के दिनों में पराली से प्रदूषण के बढ़ने वाले खतरे से दिल्ली वासियों को बचाने के लिए सार्थक कार्य योजना बनाने की समीक्षा बैठक करने का अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि बीते तीन अगस्त को पराली को लेकर एनसीआर के राज्यों के संबंधित मंत्रियों के साथ बैठक हुई थी। फिर भी पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस वजह से सभी संबंधित राज्यों के साथ समीक्षा बैठक करने की आवश्यकता है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली में ठंड के मौसम में प्रदूषण की समस्या काफी बढ़ जाती है। केंद्र सरकार इस वर्ष के विंटर एक्शन प्लान को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए दिल्ली सरकार का सहयोग करे। केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि पराली पर सभी संबंधित राज्यों के साथ जल्द से जल्द समीक्षा बैठक करें। सर्दियों के मौसम में प्रदूषण बढ़ने के कई कारण हैं। इसमें पराली जलाना, पटाखे, वाहन प्रदूषण, धूल प्रदूषण आदि शामिल हैं। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार इस बार 15 फोकस बिंदुओं पर आधारित विंटर एक्शन प्लान तैयार कर रही है। इनमें मुख्य रूप से हॉट स्पॉट, पराली, धूल प्रदूषण, वाहनों से होने वाले प्रदूषण, खुले में कूड़ा जलाना, औद्योगिक प्रदूषण, ग्रीन वार रूम एवं ग्रीन एप, रियल टाइम अपोरशमेंट स्टडी, ई-वेस्ट इको पार्क, हरित क्षेत्र को बढ़ाना, अर्बन फार्मिग, जन भागीदारी को बढ़ावा, पटाखे जलाने पर रोक है। इसके साथ ही केंद्र सरकार व पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद जैसे बिंदु शामिल है। प्लान के क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई है।

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