मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक, दिए निर्देश

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 हरिकृष्ण कश्यप कानपुर देहात प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026” के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जनपद की समस्त ग्राम पंचायतों को सुगम परिवहन सेवा से जोड़ने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने योजना के समस्त बिंदुओं का गहन अध्ययन करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत को ध्यान में रखते हुए विस्तृत एवं व्यवहारिक रूट चार्ट तैयार किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से सीधे जोड़ा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का मूल उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, जिसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाले डीजल, सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन निजी सहभागिता के माध्यम से किया जाएगा, जिससे दूरस्थ एवं असंबद्ध ग्राम पंचायतों को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक में न्यूनतम दो वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आवेदन प्रक्रिया, चयन एवं वाहन उपलब्धता की समस्त प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर लिया जाए तथा योजना के अंतर्गत प्राप्त 05 आवेदनों की जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योजना के सफल संचालन हेतु सभी विभागों के मध्य समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने परिवहन विभाग, पंचायती राज एवं रोडवेज अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रूट निर्धारण एवं संचालन की निगरानी नियमित रूप से करें। एआरएम रोडवेज एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने अवगत कराया कि योजना के अंतर्गत संचालित वाहनों को मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा-66 के तहत परमिट की अनिवार्यता से छूट प्रदान की गई है, जिससे वाहन संचालन में सुगमता आएगी और अधिकाधिक निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। जिलाधिकारी ने बैठक के अंत में निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध रूप से कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जनपद के ग्रामीण अंचलों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि 13 अप्रैल 2026 से पूर्व पूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, एआरएम रोडवेज मो0 अशफाक, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन एवं प्रवर्तन) सहित अन्य संबंधित अधिकारी  उपस्थित रहे।

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