थाना क्षेत्र के पूरे भागू नाथ खेड़ा, लालगंज रोड पर भूमिधरी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी पूजा यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी पुस्तैनी जमीन पर विपक्षियों ने पुलिस और लेखपाल की मिलीभगत से रातों-रात मकान बनवा लिया।पीड़िता के अनुसार यह जमीन उनके बाबा के नाम दर्ज है और वरासत का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद जबरन कब्जा कर निर्माण करा दिया गया।पूजा यादव का कहना है कि जब उन्होंने उसी जमीन पर अपना मकान बनाने का प्रयास किया था तो विपक्षियों ने पुलिस और लेखपाल की मदद से उनका निर्माण कार्य रुकवा दिया था। लेकिन कुछ ही दिनों बाद 7 मार्च की रात विपक्षी रोहिणी पत्नी अनूप, उदयराज, दुर्गा प्रसाद, शैलेन्द्र और सत्येंद्र सहित अन्य लोगों ने कथित तौर पर बाहुबल और प्रशासनिक संरक्षण के सहारे निर्माण कार्य शुरू कराकर रातों-रात मकान खड़ा कर लिया।read more:https://khabarentertainment.in/farmers-sweat-and-holi-colors-become-symbols-of-prosperity-gratitude-expressed-at-the-get-together/ पीड़िता का आरोप है कि उस समय कई दबंग और असामाजिक तत्व भी मौजूद थे, जिसके कारण वह विरोध नहीं कर सकीं।पीड़िता ने बताया कि उन्होंने कई बार थाना प्रभारी, लेखपाल और अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद निराश होकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक को लिखित शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला केवल भूमि विवाद नहीं बल्कि पुलिस, लेखपाल और दबंगों की मिलीभगत का उदाहरण है।हालांकि इस मामले में डलमऊ थाना प्रभारी और संबंधित लेखपाल से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं मिल सका है। संवाददाता उपजिलाधिकारी डलमऊ का पक्ष जानना चाहा तो साहब फोन उठाना जरूरी नहीं समझा।जबकि मुख्यमंत्री महोदय का आदेश है कि सभी फोन काल को रिसीव किया जाय। अब देखना यह होगा कि रायबरेली प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।