गाजीपुर। शक्ति उपासना के पावन पर्व चैत्र नवरात्रि एवं नववर्ष विक्रमी संवत 2083 के शुभागमन के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा वर्ष प्रतिपदा का पर्व जिले में पूरे उत्साह और परंपरागत उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वर्ष प्रतिपदा की पूर्व संध्या पर श्रीरामलीला लंका मैदान से संघ का विशाल पथ संचलन निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को आद्य सरसंघचालक प्रणाम कर किया गया। अनुशासित पंक्तियों में पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित स्वयंसेवकों ने कदमताल करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से संचलन निकाला, जिससे पूरे वातावरण में राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संचार होता रहा।इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश पूर्वी क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय नववर्ष की परंपरा आदि काल से चली आ रही है, जो प्रकृति आधारित सूर्य एवं चंद्र गणना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हिन्दू पंचांग विश्व का एकमात्र ऐसा कालगणना तंत्र है, जिसकी गणना न तो भ्रमित होती है और न ही त्रुटिपूर्ण। यह युगाब्द और विक्रमी संवत पर आधारित है, जिसके अनुसार वर्ष प्रतिपदा चैत्र मास के प्रथम दिन पूरे देश में एक साथ मनाई जाती है।उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को औपनिवेशिक काल में गहरी क्षति पहुंची। लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति के प्रभाव से देश में अंग्रेजी माध्यम और कॉन्वेंट स्कूलों के माध्यम से भारतीय मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास किया गया, लेकिन आज पुनः भारतीय समाज अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है और अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ कर रहा है।कार्यक्रम के दौरान जिला धर्म जागरण प्रमुख रहे स्वर्गीय प्रेमशंकर ओझा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।पथ संचलन श्रीरामलीला लंका मैदान से प्रारंभ होकर लंका चुंगी, सिंचाई विभाग चौराहा, सरयू पांडेय पार्क कचहरी, अफीम फैक्ट्री, महुआबाग, दुर्गा चौक सकलेनाबाद, जेल गेट होते हुए पुनः मैदान में पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में जगह-जगह लोगों ने संचलन का स्वागत किया।कार्यक्रम के समापन पर संघ प्रार्थना एवं ध्वज प्रणाम किया गया। इस दौरान विभाग संघचालक सचिदानंद, जिला संघचालक जयप्रकाश, सह विभाग प्रचारक प्रेमप्रकाश, जिला प्रचारक प्रभात, नगर प्रचारक विक्रम,सुयश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।