भदोही। रमजान-उल-मुबारक का बरकतों वाला महीना चल रहा है। मुस्लिम समाज के लोग मुकद्दस महीने में रोजा रखने और कुरआन-ए-पाक की तिलावत करने के साथ अल्लाह की इबादत में पूरी सिद्दत से लगे हुए हैं। सभी मस्जिदों में इबादत के लिए भीड़ हो रही है। मस्जिदों में रमजान की फजीलत पर रोशनी डालते हुए मुकद्दस महीने में इबादत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस अवसर पर मौलाना हाफिज अरफात हुसैन मिस्बाही ने कहा कि अल्लाह का बहुत बड़ा फजल और अहसान है कि रमजान मुबारक का महीना अपनी रहमतें, बरकतों और नेमतों के साथ पूरी उम्मत-ए-मुस्लिमां पर साया बनकर आया है। यह महीना बहुत ज्यादा बरकत वाला है। मुकद्दस महीने में हर मुसलमान को चाहिए कि कुरआन पाक की तिलावत कर अल्लाह की इबादत करें। उन्होंने कहा कि साथ ही सदका और खैरात के जरिये अल्लाह की खुशनुदी हासिल करने की कोशिश करें। हदीस-ए-पाक में कहा है कि कुरआन पाक की तिलावत करने वाला, जुबान की हिफाजत करने वाला, भूखों को खाना और रमजान में रोजा रखने वालों के लिए जन्नत खुद अल्लाह से दुआ करती हैं कि इन्हें जन्नत में भेज दें। मौलाना हाफिज अरफात हुसैन ने कहा कि ऐसे में सभी मुसलमान इस पाक महीने को यूं ही न जाने दें। रोजे को रखे और खूब इबादत करे।