हरिकृष्ण कश्यप रसूलाबाद कानपुर देहात ।उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबे समय से लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ विरोध की रूपरेखा तैयार कर ली है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा रसूलाबाद कानपुर देहात ने गत शनिवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के माननीय मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो शीघ्र ही राज्य के सभी लेखपाल आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। संघ के अनुसार शासन द्वारा 2 अगस्त 2026 को जारी कार्यवृत्त के बावजूद परिषद और शासन स्तर से प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई है जिससे संवर्ग में भारी असंतोष व्याप्त है। लेखपालों का कहना है कि राजस्व प्रशासन किसान कल्याण योजनाओं पैमाइश वरासत ई गवर्नेस और आपदा प्रबंधन का मुख्य दायित्व संभालने के बावजूद उन्हें संसाधनों के अभाव वेतन विसंगतियों और अत्यधिक कार्यभार का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि गृह जनपद/मंडल से दूर तैनात लगभग 27सौ रुपए लेखपालों के लिए स्थानांतरण हेतु ऑनलाइन पोर्टल पुनः खोला जाए और चयन वर्ष 2025-26 हेतु विभागीय पदोन्नति समिति डीपीसी की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद लंबित पदोन्नति सूची को तत्काल जारी किया जाए साथ ही चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों के प्रशिक्षण परीक्षा परिणाम व प्रमाण पत्र अविलंब घोषित कर उनका स्थायीकरण किया जाए और स्टेशनरी भत्ता बढ़ाकर 5सौ रुपए प्रतिमाह नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर मोटरसाइकिल वाहन भत्ता 15सौ रुपए प्रतिमाह और विशेष भत्ता 1हजार रुपए प्रतिमाह स्वीकृत किया जाए।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/ भूलेख व अन्य कार्यालयों से सम्बद्ध लेखपालों को अवमुक्त किया जाए और उनसे प्रभारी राजस्व निरीक्षक का कार्य न लिया जाए। मूलभूत सुविधाओं इंटरनेट सुरक्षा पेयजल फर्नीचर के अभाव और अयोध्या सोहावल में हुई हालिया घटना के मद्देनजर ग्राम सचिवालय रोस्टर का बहिष्कार किया जाएगा। लेखपाल संवर्ग का प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 ग्रेड पे 28 सौ रुपए घोषित कर वेतन विसंगति दूर की जाए औरऑनलाइन कार्यों की बहुलता को देखते हुए पद को टेक्निकल घोषित किया जाए और लैपटॉप व मोबाइल जैसे उच्च तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है,l तो मंगलवार से सभी लेखपाल केवल अपने मूल हल्के पर कार्य करेंगे और अतिरिक्त हल्के का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। अतिरिक्त हल्के के बस्ते संबंधित तहसील या राजस्व निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दिए जाएंगे। इसके उपरांत भी समाधान न होने पर लेखपाल ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगे। संघ ने स्पष्ट किया है कि इसके परिणामस्वरूप जनसेवा या राजस्व प्रशासन में होने वाली किसी भी असुविधा की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश शासन एवं राजस्व परिषद की होगी। इस मौके पर लेखपाल संघ रसूलाबाद के अध्यक्ष योगेश कुमार ब्रह्म पाल सिंह कोमल सिंह कुमार गौरव यादव प्रियंका द्विवेदी प्रिया गुप्ता ऋषभ शुक्ला अंकित कुशवाहा विजय कुमार सहित सभी लेखपाल मौजूद रहे ।