नगीना कोतवाली मार्ग स्थित सहकारी कताई मिल लगभग 25-26 वर्षों से बंद पड़ी है। शासन द्वारा यहां संत कबीर टेक्सटाइल लगाए जाने की घोषणा के बाद कानपुर इंडस्ट्रियल के अधिकारियों द्वारा 2-3 माह पूर्व पेड़ों को छोड़कर मिल के भवनों, मशीनों, केबिल आदि के मटेरियल की नीलामी लगभग साढ़े 8 करोड़ में की गई थी। नीलामी बैंगलोर की फर्म कमल ट्रेडर्स के नाम छूटी थी।आज पूर्वाह्नन करीब 11:30 बजे एसडीएम को सूचना मिली कि ठेकेदार मिल से अलग से मिट्टी खोदकर अवैध खनन कर कॉलोनियों में भराव करा रहे हैं। सूचना पर एसडीएम प्रिंस कुमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष जायसवाल, कानूनगो नरेंद्र कुमार, मुकेश कुमार व लेखपाल की टीम के साथ मौके के लिए निकले। मंडी समिति के पास से आ रहे 4-5 ट्रैक्टरों को रोका गया, जिसमें एक चालक ट्रॉली खाली कर भाग गया। 4 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को हिरासत में लेकर मंडी समिति में खड़ा करा दिया गया।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/सूचना पर कमल ट्रेडर्स के प्रोपराइटर अमित वर्मा मंडी समिति पहुंचे और एसडीएम को बताया कि उन्हें इंडस्ट्रियल विभाग कानपुर से पेड़ों को छोड़कर जमीन को प्लेन करके देने का ठेका मिला है। अलग से मिट्टी खोदने का कोई ठेका नहीं है। भवन तोड़ने पर मलबा तो निकलेगा ही।इस पर एसडीएम ने टीम के साथ मौके पर मिल का निरीक्षण किया। मौके पर बिल्डिंग तुड़ाई का कार्य और उसका मालवा मिट्टी ट्रैक्टर ट्राली में भरान का कार्य चलता मिला। एसडीएम ने ठेकेदार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि मिल से अलग से मिट्टी खनन की शिकायत मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।उधर मीडिया कर्मियों ने इस संबंध में जानकारी लेने के लिए एसडीएम कार्यालय पहुंचे पर एसडीएम प्रिंस कुमार ऑफिस में नहीं मेले, कॉफी इंतजार करने के बाद मीडिया कर्मियों ने सियूजी मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन काफी इंतजार करने के बाद भी एसडीएम ने मोबाइल उठाना भी गवारा नहीं समझा और ना ही एडीएम न्यायिक ने फोन उठा मुनासिब नहीं समझा। जबकि खनन जिलाधिकारी ने फोन पर बताया कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।