एसआरएम मोदीनगर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, दिल्ली-एनसीआर कैंपस, गाजियाबाद में फार्मेसी शिक्षा के बदलते स्वरूप और विद्यार्थियों के उज्ज्वल करियर की संभावनाओं को लेकर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महादेव लाल श्रॉफ ऑडिटोरियम, फार्मेसी ब्लॉक में किया गया।कार्यक्रम में प्रो. एमेरिटस डॉ. देवेंद्र पाठक, एमवीएन यूनिवर्सिटी, पलवल, हरियाणा एवं एडजंक्ट प्रोफेसर, हमदर्द यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली ने “फार्मा सेक्टर में अवसर” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने फार्मास्युटिकल क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर अवसरों, उद्योग की बदलती आवश्यकताओं तथा विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।वहीं डॉ. कमला पाठक, डायरेक्टर, रिसर्च एंड इनोवेशन, लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा ने “एआई-संचालित परिदृश्य में फार्मेसी पेशेवरों के कौशल उन्नयन के लिए एनईपी-2020 के अनुरूप पीसीआई पाठ्यक्रम” विषय पर अपने विचार रखे।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/ उन्होंने बताया कि तकनीकी विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में फार्मेसी विद्यार्थियों के लिए नए कौशल एवं तकनीकी दक्षताओं का विकास अत्यंत आवश्यक है।कार्यक्रम में “पीसीआई बी.फार्मा पाठ्यक्रम 2026: एनईपी 2020 के अनुसार” विषय भी प्रमुख रूप से चर्चा का केंद्र रहा। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 2026 के लिए संशोधित बी.फार्मा पाठ्यक्रम को एनईपी 2020 के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें वैज्ञानिक आधार, व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा, शोध अभिमुखता तथा पेशेवर दक्षताओं पर विशेष जोर दिया गया है। पाठ्यक्रम में एआई और डिजिटल तकनीकों जैसे उभरते क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।पीसीआई ने नए बी.फार्मा पाठ्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू करने तथा संस्थानों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद डॉ. मनीष पाल सिंह, प्रिंसिपल इंचार्ज, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रशांत कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।विशेषज्ञों के व्याख्यान से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई पीसीआई पाठ्यचर्या, एनईपी-2020 के अनुरूप फार्मेसी शिक्षा में हो रहे बदलाव, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका तथा फार्मास्युटिकल उद्योग में उभरते करियर अवसरों की उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को बदलते फार्मा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।