नई दिल्ली,। देश भर से आए आरक्षण विरोधी आंदोलनकारी दिल्ली में डेरा डाले हुए है। अनुमति नहीं मिलने के बाबजूद वे शुक्रवार से दिल्ली के जंतर मंतर के आसपास जमा होते हैं और जैसे ही पुलिस इन्हें देखती है हिरासत में ले लेती है। इस दौरान हाथपाई और लाठी चार्ज तक की नौबत आ जा रही है। रविवार को भी सुबह जंतर मंतर के आसपास जमा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि आंदोलनकारी पंकज धवरैया पुलिस लाठी चार्ज कर घायल हो गए। पंकज के साथ कई लोगों को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि आंदोलनकारियों के साथ पुलिस का व्यवहार निंदनीय है। निहत्थे अपनी मांगों के लिए जंतर मंतर पर पहुंच रहे हैं।read more:https://khabarentertainment.in/prof-anil-kumar-rai-appointed-vice-chancellor-of-rohilkhand-university-bareilly-resigns-from-shekhawati-university/तो पुलिस उनके साथ लाठी चार्ज करती है और हिरासत में ले रही है। उन्होंने कहा कि संविधान में हमे अपने अधिकार के लिए शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन की अनुमति मिली हुई है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक तरफ हिंसक भीड़ को सरकार हवाई अड्डे पर जाकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी और आरक्षण विरोधी, जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ पुलिसिया लाठी चार्ज यह कैसी दोहरी नीति है। सरकार हमारे प्रतिनिधि से बात करें। इसके साथ ही सरकार को तुरंत हमें प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए और हमारे निहत्थे लोगों को हिरासत में लिए लोगों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। हमने अदालत का भी सहारा लिया है और हमें उम्मीद है कि अदालत हमें आंदोलन करने की अनुमति देने का सरकार को निर्देश देगी।